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भोपाल नगर निगम की 50 करोड़ वाली नई इमारत से मीटिंग हॉल ‘गायब’, उमंग सिंघार का कटाक्ष “बीजेपी राज में कुप्रबंधन और लापरवाही का विकास”

Written by:Shruty Kushwaha
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मेयर मालती राय ने इस गलती को अधिकारियों की चूक करार देते हुए कहा है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन इस 'समाधान' के लिए फिर करोड़ो रूपए खर्च किए जाएंगे। आखिर इतनी बड़ी बिल्डिंग में बैठक कहां होगी..क्या ये खयाल किसी के ज़हन में नहीं आया। फिलहाल कांग्रेस इस मुद्दे पर हमलावर है और इस चूक को दूरदर्शिता और मैनेजमेंट की कमी करार दे रही है।
भोपाल नगर निगम की 50 करोड़ वाली नई इमारत से मीटिंग हॉल ‘गायब’, उमंग सिंघार का कटाक्ष “बीजेपी राज में कुप्रबंधन और लापरवाही का विकास”

Bhopal Municipal Corporation Building

सोचिए आप मकान बनवाएं और उसमें बैठकी बनाना ही भूल जाएं ? पूरा मकान बनने के बाद याद आए कि ऐसी तो कोई व्यवस्था ही नहीं जहां चार लोग बैठ सकें। ऐसे में आप क्या करेंगे ? भोपाल नगर निगम तो जमकर किरकिरी होने के बाद फिलहाल मामले की लीपापोती में जुटा है।

हम बात कर रहे हैं भोपाल में लगभग पचास करोड़ की लागत से बनी बीएमसी की नई आठ-मंज़िला इमारत की। पूरा भवन बन जाने के बाद पता चला कि यहां पार्षदों की बैठक के लिए आवश्यक मीटिंग हॉल का निर्माण ही नहीं हुआ है। इस मुद्दे पर कांग्रेस अब बीजेपी सरकार को जमकर घेर रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि एक तरफ प्रदेश पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है और दूसरी तरह जनता का पैसा इस तरह ज़ाया किया जा रहा है।

भोपाल नगर निगम की नई बिल्डिंग से मीटिंग हॉल नदारद

राजधानी में सेकंड स्टॉप के पास तुलसी नगर में भोपाल नगर निगम की नई बिल्डिंग जगमगा रही है। लेकिन लगभग पचास करोड़ खर्च करने के बाद भी इमारत में मीटिंग हॉल को शामिल करना भूल गए। न ही डिजाइनिंग के दौरान और न ही निर्माण चरण में ही किसी को ध्यान आया कि इस बिल्डिंग में आखिर मीटिंग के लिए सभी पार्षद बैठेंगे कहां। अब जब भवन बनकर तैयार हो गया तो ये बात उजागर हुई कि इसमें तो मीटिंग हॉल है ही नहीं। जमकर आलोचना के बाद  अब नया हॉल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार बीजेपी सरकार पर हमलावर है। अब नेता प्रतिपक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि “मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने भोपाल में 50 करोड़ की लागत से नगर निगम की आठ मंजिला इमारत बनवाई। इसके बाद उन्हें याद आया कि इसमें पार्षदों की बैठक के लिए मीटिंग हॉल ही नहीं है। भूल सुधार के लिए ₹10 करोड़ के अतिरिक्त खर्च से मीटिंग हाल बनाने का फैसला लिया।” उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरते हुए। कहा कि चाहे कानून हों, योजनाएं हों या अधोसंरचनाएं..भाजपा सरकार की दूरदर्शिता और मैनेजमेंट की भारी कमी स्पष्ट दिखती है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक तरफ प्रदेश पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है, सरकार हर रोज़ 266 करोड़ का कर्ज़ लेकर सरकार चला रही है , वहीं दूसरी तरफ जनता के पैसे इस तरह लुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि कुप्रबंधन और लापरवाही को ‘विकास’ बताने का काम भाजपा ही कर सकती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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