विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म और अपहरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से जांच करने शुरू करने का आदेश दिया है। इसके बाद उन्होंने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के हर निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वो जांच में हर तरह के सहयोग के लिए तैयार है और उनपर लगे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। कटारे ने इसे सरकार की साज़िश करार दिया है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले पर कहा है कि अभी दोषसिद्ध नहीं हुआ है और हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। इसी के साथ कहा कि ये जांच निष्पक्ष हो और किसी प्रकार से राजनीति से प्रभावित न हो।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए पुन: जांच के आदेश
अटेर से कांग्रेस विधायक और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ 2018 में दर्ज दुष्कर्म और अपहरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने 4 अगस्त को भोपाल रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल की निगरानी में मामले की फिर से जांच करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, हेमंत कटारे की गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रखी है।
हेमंत कटारे ने कहा ‘पूरा सहयोग करेंगे’
हेमंत कटारे ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद कहा कि सरकार ने झूठे तथ्यों के आधार पर फिर से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘वे सुप्रीम कोर्ट के हर निर्णय का सम्मान करते हैं। ने कहा कि इससे पहले भी कई साल तक जांच हो चुकी है और हाईकोर्ट में बीजेपी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी।’ उन्होंने कहा कि ये पूरा सरकार का षड्यंत्र है और वो हर तरह की जांच के लिए तैयार है। हेमंत कटारे ने कहा कि इस मामले बीजेपी के नेता फंसे हुए हैं और उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
उमंग सिंघार ने की ये मांग
वहीं, इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और अभी तक कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘भाजपा इस मुद्दे पर सिर्फ राजनीतिक आरोप लगा रही है। हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष हो..राजनीति से प्रेरित जांच न हो।’





