भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर अब धार्मिक कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो संदेश में इस घटना पर दुख जताया है और कहा है कि किसी भी व्यक्ति की मौत के मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पीड़ित परिवार के दर्द को समझने की अपील की है।
दरअसल देवकीनंदन ठाकुर ने अपने बयान में भरत भूषण तिवारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक युवा था और समाज सेवा के रास्ते पर आगे बढ़ने की बात करता था। उन्होंने कहा कि इस मामले में कौन सही है और कौन गलत, इसका फैसला जांच और कानून को करना है, लेकिन किसी भी घटना के बाद पीड़ित परिवार की पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जानिए देवकीनंदन ठाकुर ने क्या कहा?
दरअसल देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अगर कहीं कोई गलती हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर ने अपने संदेश में कहा कि समाज में संवेदनशीलता कम होती जा रही है, जो चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि जब किसी परिवार का बेटा चला जाता है तो उसका दर्द सिर्फ वही परिवार समझ सकता है। उन्होंने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यदि कहीं कोई गलती हुई है तो क्या उस मां का बेटा वापस लौटाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि लोगों को होता हुआ दिखना भी चाहिए, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।
न्याय मिलने की प्रक्रिया आसान हो: देवकीनंदन ठाकुर
वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने अपने बयान में यह भी कहा कि गरीब और कमजोर लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया आसान होनी चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी मामले में जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जांच एजेंसियों या अदालत की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी संवेदनशील मामले में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय निष्पक्ष जांच सबसे जरूरी होती है।






