यूजीसी नेट (UGC NET 2026) जून सेशन 2026 खत्म होने के बाद लाखों छात्र उत्तर कुंजी और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच परीक्षा को लेकर विवाद भी देखने को मिल रहा है। 30 जून को आयोजित सोशियोलॉजी का पेपर लीक होने का दावा किया जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस ने इस मामले को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने की मांग की है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा भी मांगा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश कंप्यूटर आधारित परीक्षा को लेकर भी कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया कहा कि, “यूजीसी यूजीसी नेट समाजशास्त्र परीक्षा का पेपर सीबीटी होने के बावजूद लीक हुआ है। जबकि यूजीसी नेट अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्न पत्र बिना किसी बदलाव की लगभग पूरी तरीके से पुराने प्रश्न पत्रों से उठाए गए थे।”
मोदी सरकार पर साधा निशाना
जयराम रमेश ने यूजीसी नेट में गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “साफ पता चलता है कि परीक्षा का फॉर्मेट चाहे जो भी हो, पेपर लीक और अन्य अनियमितताएं होती रहेंगी। क्योंकि मोदी सरकार का शिक्षा मंत्रालय कंप्रोमाइज हो चुका है। NTA को जानबूझकर आरोग्य और अक्षम बनाया जा रहा है। इसलिए मंत्री प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। एनटीए को भी भंग कर देना चाहिए।”
सीबीटी मोड पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानि सीबीटी मोड पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, “मई 2026 में नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की कुछ दिन बाद ही शिक्षा मंत्री ने नीट यूजी 2027 को सीबीटी मोड में आयोजित करने का ऐलान किया है।” उन्होंने आगे कहा, “इस फैसले में यह निहित संदेश था कि पेन और पेपर आधारित परीक्षा के विपरीत सीबीटी मोड में पेपर लीक नहीं हो सकता। लेकिन सीबीटी मोड होने के बावजूद कथित यूजीसी नेट पेपर लीक होने की खबरें आ रही हैं।”
मई 2026 में NEET-UG परीक्षा का पेपर लीक होने के कुछ ही दिनों बाद मंत्री प्रधान ने घोषणा की थी कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इसमें यह निहित संदेश था कि पेन और पेपर आधारित परीक्षा के विपरीत, CBT का पेपर लीक नहीं हो सकता।
अब…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 9, 2026
राहुल गांधी ने भी केंद्र को घेरा
इस मामले को लेकर राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दावा किया कि परीक्षा से ठीक पहले 100 पेज की पीडीएफ प्रसारित हुई। यह पीडीएफ़ उस प्रश्न पत्र सेटिंग का है, जो सिर्फ एनटीए के पास उपलब्ध होती है। पीडीएफ में लगभग 90 सवाल सोशियोलॉजी के असली प्रश्न उत्तर से मेल खाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, “प्रश्न पत्र 2.25 लाख रुपये में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा दिल्ली और राजस्थान में बेचे जा रहे थे।”






