छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर के समग्र विकास को गति देने के लिए 11 सितंबर को बस्तर में छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट का आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से 200 से अधिक निवेशक, उद्योगपति और स्थानीय उद्यमी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन बस्तर में निवेश की संभावनाओं को तलाशने और सहयोग का मंच प्रदान करने का एक ऐतिहासिक कदम होगा। कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस आयोजन के माध्यम से बस्तर के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बन सकें। सरकार की औद्योगिक नीति का लक्ष्य न केवल आर्थिक प्रगति है, बल्कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और धरोहर का संरक्षण भी है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निवेश से होने वाले लाभ सीधे स्थानीय समुदायों तक पहुँचें।
बस्तर में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन
छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के तहत बस्तर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। ₹1000 करोड़ से अधिक निवेश और 1000 से अधिक रोजगार सृजित करने वाली परियोजनाओं को विशेष लाभ मिलेगा। औषधि, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, डिजिटल तकनीक, एयरोस्पेस और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। बस्तर में पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से होटल, इको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसी परियोजनाओं को 45 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इसके अतिरिक्त, एससी/एसटी उद्यमियों और नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।
रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा
बस्तर इन्वेस्टर कनेक्ट छत्तीसगढ़ सरकार की संतुलित क्षेत्रीय विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पहले दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, रायपुर, टोक्यो, ओसाका और सियोल में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित हो चुके हैं, जिनके माध्यम से ₹6.65 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर में स्टील सेक्टर को 15 वर्षों तक रॉयल्टी रीइम्बर्समेंट और आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर पाँच वर्षों तक 40 प्रतिशत वेतन सब्सिडी जैसी योजनाएँ निवेशकों को आकर्षित करेंगी। यह आयोजन बस्तर को सतत और समावेशी विकास का प्रतीक बनाएगा, जो क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान के साथ रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देगा।





