Hindi News

जनता की आवाज बने 80 वर्षीय बुजुर्ग, प्रशासन के सामने रखी कई समस्याएं, SDM ने दिया कार्रवाई का आश्वासन 

Published:
डबरा जनसुनवाई में 80 वर्ष के एक बुजुर्ग शहर से जुड़े विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुँचे। अधिकारियों पर लापरवाही और रिश्वत लेने के आरोप लगाए। जांच की मांग की। एसडीएम ने इन मामलों को गंभीरता से सुना।

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के कारण ज्यादातर लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इसी बीच डबरा में लगभग 80 वर्ष के एक बुजुर्ग नागरिक जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जनसुनवाई (Dabra Public Hearing) में पहुंचे। शहर और आसपास के क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाया। जिसमें अधिकारियों की कथित लापरवाही का मामला भी शामिल है।

जनसुनवाई के दौरान उन्होंने SDM के सामने नागरिक सुविधाओं से संबंधित कई कई ऐसे मामलों को रखा, जो काफी लंबे समय से लंबित है। उनका कहना है कि शहर की कई क्षेत्रों में जनता लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। लेकिन विभागों द्वारा समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सड़क, सफाई, पेयजल, प्रशासनिक कार्य प्रणाली और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर तत्काल जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की।

अधिकारियों पर लगाए लापरवाही के आरोप 

बुजुर्ग ने कहा कि, “मैं जनहित की आवाज लेकर अक्सर अधिकारियों के पास पहुंचता हूँ, लेकिन वे सुनते नहीं।” उनका कहना है कि वे पिछले 6 सालों से नगलपालिका के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कई मामलों में नागरिकों को अब तक न्याय नहीं मिला। अनर्थ राय रोड पर लोगों ने सीढ़ियाँ और मकान बनाकर सड़क पर कब्जा कर रखा। सीएमओ ने भी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

उन्होंने प्रशासनिक कार्य प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “कई सरकारी कार्यालयों में भी किसी प्रकार का नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया है। जिसके कारण आमजन को परेशानी होती है। लोगों को समझ नहीं कहाँ शिकायत करें।” इसके अलावा उन्होंने नगपालिका कर्मचारियों पर रिश्वत लेकर काम करने के आरोप भी लगाए। मिलावट खोरी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने एसडीएम ने कार्यालयों, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाने की मांग की, जिसमें अधिकारियों के नाम और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी हो। ताकि जनता अपनी शिकायतों को सही समय पर सही अधिकारी तक पहुंचा सके।

SDM ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन 

एसडीएम ने भी शिकायतों को गंभीरता सुना है। फिर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों की जांच जल्द से जल्द की जाएगी। समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। कड़ी गर्मी के बावजूद जनहित की लड़ाई लड़ने पहुंचे बुजुर्ग का जज्बा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना चुका है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews