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दमोह में खुदाई के दौरान मिला ‘खजाना’, मजदूरों ने किया 35 किलो चांदी मिलने का दावा, मकान मालिक बोला- सिर्फ 42 सिक्के मिले, जांच में जुटा प्रशासन

Reported by:Dinesh Agarwal|Edited by:Shyam Dwivedi
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मध्य प्रदेश के दमोह में एक स्कूल शिक्षक के निर्माणाधीन मकान की खुदाई में निकले खजाने को लेकर विवाद गहरा गया है। मजदूर 35 किलो चांदी तो शिक्षक 42 सिक्के मिलने का दावा कर रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है।
दमोह में खुदाई के दौरान मिला ‘खजाना’, मजदूरों ने किया 35 किलो चांदी मिलने का दावा, मकान मालिक बोला- सिर्फ 42 सिक्के मिले, जांच में जुटा प्रशासन

मध्य प्रदेश के दमोह में एक स्कूल शिक्षक के निर्माणाधीन मकान की खुदाई के दौरान खजाना मिलने की खबर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस खबर ने न केवल चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है, बल्कि खजाने की मात्रा को लेकर एक बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया है। जहां मजदूर लगभग 30 से 35 किलोग्राम चांदी निकलने का दावा कर रहे हैं, वहीं मकान मालिक महज 42 चांदी के सिक्के मिलने की बात कहकर मामले को उलझा रहे हैं।

यह पूरा मामला दमोह शहर के फुटेरा वार्ड का है, जहां स्कूल शिक्षक आलोक सोनी अपने पुराने पैतृक मकान को तुड़वाकर नया निर्माण करवा रहे थे। रविवार को अचानक यह टूटा हुआ मकान सुर्खियों में आ गया, जब खुद शिक्षक आलोक सोनी दमोह पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मकान की खुदाई के दौरान उन्हें 42 चांदी के सिक्के मिले हैं, जिसकी सूचना वे पुलिस को देने आए हैं। पुलिस अभी शिक्षक से पूछताछ कर ही रही थी कि कुछ मजदूर भी थाने पहुंच गए, जो इसी मकान में खुदाई का काम कर रहे थे। मजदूरों ने जो खुलासा किया, उससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

मजदूरों का दावा- 30 से 35 किलोग्राम मिली चांदी

मजदूरों के मुताबिक, शनिवार को जब वे मकान की खुदाई कर रहे थे, तब उन्हें पहले जमीन से एक खाली घड़ा मिला। लेकिन थोड़ी और खुदाई करने पर उन्हें एक बड़ा मटका नुमा बर्तन मिला। इस बर्तन के अंदर चांदी के सिक्के और चांदी की रॉड भरी हुई थी, जिसका कुल वजन करीब 30 से 35 किलोग्राम था। मजदूर ओमप्रकाश अठया ने चौंकाने वाला बयान देते हुए बताया कि जब यह खजाना मिला, तो मकान मालिक आलोक सोनी ने उन सभी मजदूरों को धमकाया। इसके बाद शिक्षक आलोक सोनी के परिजनों ने आनन-फानन में एक बाल्टी में सारा सामान भरा और उसे अपने कब्जे में ले लिया। शाम को जब मजदूर काम खत्म करके घर जाने लगे, तो मकान मालिक ने उन सभी को पांच-पांच सौ रुपए देकर विदा कर दिया।

मजदूरों ने अपने गांव पहुंचकर यह पूरा किस्सा लोगों को सुनाया। कुछ लोगों ने उन्हें इस बारे में पुलिस को सूचित करने की सलाह दी, जिसके बाद मजदूर पुलिस थाने पहुंचे और अपना बयान दर्ज कराया। दमोह पुलिस को मिली इस जानकारी के बाद तत्काल जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम मौके पर पहुंची और गहनता से जांच-पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान मौके से केवल 42 चांदी के सिक्के ही बरामद किए जा सके। इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिक्षक आलोक सोनी के दो मकानों को भी सील कर दिया है।

कुल 42 सिक्के ही मिले: शिक्षक का दावा

करीब 35 किलोग्राम चांदी के सिक्कों की खबर ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है, जिसकी सामान्य तौर पर कीमत करोड़ों रुपए में पहुंच सकती है। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने तपती दोपहरी में घंटों तक बारीकी से जांच-पड़ताल की, लेकिन मजदूरों द्वारा बताए गए भारी मात्रा में माल को जब्त नहीं किया जा सका। स्कूल शिक्षक आलोक सोनी अभी भी अपनी बात पर कायम हैं। उनका कहना है कि उन्हें कुल 42 सिक्के ही मिले थे, जिनकी सूचना उन्होंने खुद पुलिस को दी थी। उनका आरोप है कि मजदूर इतनी बड़ी तादाद में चांदी निकलने की बात एक षड्यंत्र के तहत बता रहे हैं।

100 सालों से भी ज्यादा पुराने सिक्के

वहीं, पुरातत्व विभाग के अफसरों की प्रारंभिक जांच के अनुसार, जो 42 सिक्के बरामद हुए हैं, वे ब्रिटिश हुकूमत काल के हैं। ये सिक्के 100 सालों से भी ज्यादा पुराने हैं और पुरातत्व की दृष्टि से ये बेशकीमती माने जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम का कहना है कि अभी स्थिति पूरी तरह से साफ नहीं है। फिलहाल, केवल 42 सिक्कों की पुष्टि हुई है, जबकि मामले की जांच अभी भी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई और खजाने की वास्तविक मात्रा सामने आ पाएगी। यह रहस्य अभी भी गहराया हुआ है कि आखिर 35 किलो चांदी का क्या हुआ।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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