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भोपाल के पत्रकार कुलदीप सिंगरोलिया की गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट हुए पत्रकार, थाने में धरना-प्रदर्शन

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के साथ कटारा थाने पहुंचे पत्रकारों ने धरना दिया और गिरफ्तारी की खिलाफ़ नारेबाजी की। उन्होंने 'रघुपति राघव राजा राम' भजन गाकर अपना विरोध जताया। उन्होंने कुलदीप सिंगरोलिया पर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उनकी तुरंत रिहाई की मांग की।
भोपाल के पत्रकार कुलदीप सिंगरोलिया की गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट हुए पत्रकार, थाने में धरना-प्रदर्शन

Bhopal Journalists Protest : भोपाल में पत्रकार कुलदीप सिंगरोलिया के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में दर्ज अड़ीबाजी की कथित झूठी FIR और गिरफ्तारी विरोध में आज कई पत्रकारों ने थाने में पहुंच अपना विरोध जताया और नारेबाजी की। उनके साथ बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी पहुंचे।इन सभी का आरोप है कि कुलदीप के साथ पुलिस ने अन्याय किया है और यह मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत है।

आशीष अग्रवाल ने कटारा हिल्स थाना प्रभारी की कार्रवाई को दोषपूर्ण बताया। वहीं पत्रकारों ने सवाल किया कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए तत्कालीन डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने जो निर्देश दिए थे, उसका क्या हुआ। फिलहाल इस मामले में एडिशनल सीपी अवधेश गोस्वामी ने जांच के आदेश दिए हैं।

क्या है मामला

कटारा हिल्स पुलिस ने भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप सिंगरोलिया को आधी रात को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि यह कार्रवाई एक एक्सीडेंट और उसके बाद अड़ीबाजी के मामले में की गई है। लेकिन, शहर के पत्रकारों का कहना है कि जिस सफेद बुलैरो गाड़ी से एक्सीडेंट होने की बात कही जा रही है..वह न तो कुलदीप की है और न ही उसमें वे मौजूद थे। इस घटनाक्रम को लेकर आज शहर के पत्रकार बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल के साथ पुलिस थाने पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया। धरने पर बैठे पत्रकारों ने नारेबाजी की और ‘रघुपति राघव राजा राम’ गाकर विरोध जताया।

कुलदीप सिंगरोलिया को तुरंत रिहा करने की मांग

पत्रकारों ने ये आरोप भी लगाया कि यह संभवतः यह ऐसा पहला मामला होगा जिसमें एक साधारण एक्सीडेंट की घटना पर पुलिस ने गैर-जमानती और गंभीर धाराएं..अड़ीबाजी की धाराएं लगा दी है। गिरफ्तारी का विरोध कर रहे पत्रकारों ने सवाल उठाया कि क्या एक मामूली दुर्घटना में ऐसी सख्त कार्रवाई जायज है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई पत्रकारिता को दबाने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि FIR दर्ज कराने वाले फरियादी शेख अकील को कुलदीप सिंगरोलिया व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। फरियादी ने कथित तौर पर फेसबुक के आधार पर कुलदीप का नाम FIR में शामिल करवाया, जिसे पुलिस ने बिना किसी पड़ताल के नामजद कर दिया। पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि कुलदीप सिंगरोलिया को तत्काल रिहा किया जाए और इस कथित झूठी FIR को वापस लिया जाए। फिलहाल, एडिशनल सीपी अवधेश गोस्वामी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

 

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