शादी वाले घर में ढोल-नगाड़े बज रहे थे, रिश्तेदार खुशी से हल्दी की रस्म निभा रहे थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यही हल्दी कुछ देर बाद दूल्हे को अस्पताल पहुंचा देगी। इंदौर के दुधिया गांव में रहने वाले गोलू कौशल की तबीयत हल्दी लगाने के बाद अचानक बिगड़ गई। पहले परिवार ने इसे सामान्य एलर्जी समझा, लेकिन देखते ही देखते हालत इतनी खराब हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया। जांच के लिए हल्दी के सैंपल लैब भेजे गए, जहां रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में हल्दी के अंदर आर्सेनिक, लीड और कॉपर जैसे खतरनाक तत्व पाए गए। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है और शहर में बिक रही खुली हल्दी व मसालों की जांच शुरू कर दी गई है।
हल्दी की रस्म के बाद बिगड़ी दूल्हे की हालत
जानकारी के मुताबिक दुधिया गांव में रहने वाले गोलू कौशल की शादी की तैयारियां चल रही थीं। घर में हल्दी की रस्म के दौरान परिवार और रिश्तेदारों ने खुशी-खुशी दूल्हे को हल्दी लगाई।
कुछ ही देर बाद गोलू को शरीर में तेज जलन, खुजली और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिवार को शुरुआत में लगा कि यह सामान्य एलर्जी है, लेकिन हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। इसके बाद उसे तुरंत एमवाय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार दूल्हे को गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हुआ था। हालत ज्यादा खराब होने पर उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा।
जांच में हल्दी में मिला जहरीला आर्सेनिक
मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हल्दी के सैंपल जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट में सामने आया कि हल्दी में 0.22 एमजी आर्सेनिक, 0.37 एमजी लीड और 3.19 एमजी कॉपर मौजूद था।
विशेषज्ञों का कहना है कि आर्सेनिक बेहद खतरनाक रासायनिक तत्व माना जाता है। इसका उपयोग कई बार रंगों को ज्यादा चमकीला बनाने के लिए किया जाता है। यही कारण है कि कुछ लोग हल्दी को ज्यादा पीला और आकर्षक दिखाने के लिए इसमें केमिकल मिला देते हैं।
हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि इतनी कम मात्रा में हर व्यक्ति को रिएक्शन नहीं होता, लेकिन संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए यह बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है।
क्या होता है आर्सेनिक और कितना खतरनाक है?
आर्सेनिक एक जहरीला केमिकल तत्व है, जो शरीर के लिए हानिकारक माना जाता है। इसका ज्यादा संपर्क त्वचा, सांस और शरीर के अंदरूनी अंगों पर बुरा असर डाल सकता है।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिल शाह के अनुसार आर्सेनिक त्वचा पर लगने से जलन, लाल चकत्ते, खुजली और सूजन जैसी परेशानी हो सकती है। अगर इसका असर ज्यादा हो जाए तो सांस लेने में तकलीफ, उल्टी, कमजोरी और गंभीर एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे जहरीले तत्वों के संपर्क में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है।
हल्दी को चमकीला बनाने के लिए मिलाए जाते हैं केमिकल
बाजार में बिकने वाली कुछ सस्ती और खुली हल्दी में मिलावट का खतरा ज्यादा रहता है। कई बार हल्दी का रंग ज्यादा पीला दिखाने के लिए केमिकल या रंग मिला दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोग होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का भी उपयोग कर लेते हैं ताकि हल्दी ज्यादा चमकदार दिखाई दे। यही मिलावटी हल्दी बाद में लोगों की सेहत के लिए खतरा बन जाती है। इसी वजह से डॉक्टर और प्रशासन लगातार लोगों को खुली और बिना ब्रांड वाली हल्दी खरीदने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
प्रशासन ने शुरू की जांच
इंदौर के इस मामले के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। जानकारी के अनुसार खरगोन जिले के कसरावद में भी एक दुल्हन की तबीयत हल्दी रस्म के बाद बिगड़ने का मामला सामने आया था। इन घटनाओं के बाद दोनों जिलों में खाद्य विभाग ने बाजारों में जांच अभियान शुरू कर दिया है। खुली हल्दी और बिना ब्रांड वाले मसालों के सैंपल लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






