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कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में बड़ा हादसा, नदी में डूबने से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

Written by:Gaurav Sharma
Last Updated:
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टे हक्कालु नदी में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मुआवजे की घोषणा की।
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में बड़ा हादसा, नदी में डूबने से 8 लोगों की मौत, प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां थट्टे हक्कालु नदी में हुए भीषण हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की डूबने से मौत हो गई है, जिनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब लोग नदी में मीठे पानी की सीप (मसल्स) इकट्ठा करने के लिए उतरे थे। इस दुखद घटना के बाद दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।

पुलिस सूत्रों ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि भटकल तालुक के शिराली गांव के करीब 14 लोग थट्टे हक्कालु नदी में मीठे पानी की सीप इकट्ठा करने के लिए उतरे थे। यह स्थानीय समुदायों के लिए नदी किनारे किया जाने वाला एक मौसमी काम है। नदी में उतरते समय उन्होंने पानी के स्तर का सही अंदाजा नहीं लगाया और गहरे हिस्से में चले गए। इसी दौरान, जब पानी का बहाव अचानक तेज हुआ, तो एक या दो लोग बहने लगे। इसके बाद कुछ अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद गए, जिससे और अधिक लोग तेज बहाव की चपेट में आ गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं।

जान गंवाने वाले मृतकों की हुई पहचान

इस हृदय विदारक घटना में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान उमेश मनजुनाथ नाइक (40 वर्षीय), लक्ष्मी महादेव नाइक (42 वर्षीय), लक्ष्मी जतप्पा नाइक (30 वर्षीय), लक्ष्मी अप्पन्ना नाइक (60 वर्षीय), लक्ष्मी शिवराम नाइक (49 वर्षीय), ज्योति मस्तम्मा नाइक (34 वर्षीय), मालती नाइक (38 वर्षीय) और मस्तम्मा नाइक (60 वर्षीय) के रूप में हुई है। ये सभी मृतक भटकल तालुक के शिराली गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं।

दो लोगों को बचाया गया

हादसे के बाद, नागरत्ना और महादेवी नामक दो लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल, पुलिस टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में सघन खोज अभियान चला रहे हैं। यह अभियान लगातार जारी है।

कैसे हुआ यह हादसा?

सूत्रों के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब हाल ही में हुई बारिश के कारण नदी का बहाव अप्रत्याशित रूप से तेज हो गया था। मीठे पानी की सीप इकट्ठा करना कुछ स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। बताया गया है कि इस काम में कई मृतक अनुभवी थे और पहले भी ऐसा करते रहे थे। हालांकि, अधिकारियों को अभी यह पता लगाना बाकी है कि मृतकों में से कितने लोग तैरना जानते थे और यह पूरी घटना कैसे घटित हुई।

पीएम-सीएम ने हादसे पर जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

इस भीषण त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दोनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह इस अत्यंत दुखद घटना से दुखी हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। उन्होंने मानवीय आधार पर राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के सबसे नजदीकी परिजन को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ अन्य लोग अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी से प्रार्थना करने का आग्रह किया कि लापता लोग सुरक्षित लौटकर अपने परिवारों से मिलें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कर्नाटक के करवार जिले में हुई इस दुखद घटना पर गहरा सदमा व्यक्त किया है। उन्होंने उन लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने का ऐलान किया गया है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने भी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं।

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