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घर की चाबी खोई तो पाइप के सहारे चढ़ गए 14 मंजिल, जानिए दुनिया के जुनूनी लोगों के अजीबोगरीब कारनामे

Written by:Shruty Kushwaha
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क्या आप जानते हैं कि अलास्का की मैरी पर्ल ज़ेल्मर रॉबिन्सन ने 2.98 इंच तक मुँह खोलकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने अपने मुँह में पाँच जेंगा ब्लॉक्स, दस पैटी वाला बर्गर और एक बेसबॉल तक फिट कर दिखाया। वहीं, भारतीय मूल के ब्रिटिश स्ट्रॉन्गमैन मंजीत सिंह ने अपने कानों से 8 टन वजनी वाहन खींचकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया और ओमकार पल्लव ने अपनी नाक से अंग्रेजी वर्णमाला को सबसे तेज़ टाइप करने का रिकॉर्ड कायम किया है।
घर की चाबी खोई तो पाइप के सहारे चढ़ गए 14 मंजिल, जानिए दुनिया के जुनूनी लोगों के अजीबोगरीब कारनामे

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Bizarre World Records : ‘तुलसी इस संसार में, भांति-भाँति के लोग’ तुलसीदास जी ये बात बहुत पहले कह गए हैं। दुनिया में इतनी विविधता है कि लोगों में अंतर होना स्वाभाविक है। आदतें, विचार, स्वभाव, परिवेश, पर्यावरण, समाज, देश और धर्म जैसे तत्व किसी भी व्यक्ति की सोच और व्यवहार को आकार देते हैं।

यही वजह है कि कई बार ऐसी अनोखी अनूठी बातें देखने-सुनने को मिलती है..जो हमें अजीब या हैरतअंगेज़ लग सकती है। इन्हीं विविधताओं के चलते दुनियाभर से ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो कभी हमें चकित कर देती हैं तो कभी मुस्कुराने पर मजबूर कर देती हैं। कहीं कोई व्यक्ति वर्षों तक एक ही तरह का भोजन करता है, तो कहीं कोई किसी रिकॉर्ड को अपने नाम करने के लिए जानें क्या कर जाता है।

कुछ अनोखी कहानियां

मानव स्वभाव, इच्छाएं और जिजीविषा ऐसी होती हैं जो असामान्य को भी संभव बना देती हैं। समाज में घटने वाली कई अनोखी घटनाएं सिर्फ मनोरंजक ही नहीं होती, बल्कि ये भी दर्शाती हैं कि मानव मस्तिष्क की संभावनाएं असीम हैं। कभी-कभी जो हमें अजीब लगता है, वह किसी के लिए उसकी पहचान, विश्वास या आत्मसंतुष्टि का हिस्सा होता है। आज हम दुनिया के कुछ अजीबोगरीब और रोचक कारनामों के बारे में जानेंगे..कुछ ऐसी अनोखी कहानियां जो आपको हैरान कर देंगी।

अजीबोगरीब कारनामे 

45 दिनों में 300 आइसक्रीम ऑर्डर: गर्मी का मौसम है और ऐसे में आइसक्रीम भला किसे न भाएगी। लेकिन मुंबई के एक शख्स ने गर्मी से राहत पाने के लिए ऐसा कारनामा कर दिया, जो सुनकर लोग दंग रह गए। स्विगी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यक्ति ने 45 दिनों में 300 से ज्यादा आइसक्रीम ऑर्डर कीं। ये 2024 की गर्मियों की बात है..जब आइसक्रीम की माँग में 16% की वृद्धि देखी गई। और इस शख्स का जुनून न सिर्फ अनोखा है..बल्कि ये भी दिखाता है कि गर्मी में लोग कितनी शिद्दत से ठंडक की तलाश करते हैं।

50 साल का स्पाइडरमैन: चीन के डोंगुआन शहर में एक पचास साल के व्यक्ति ने अपने घर की चाबी खो दी। अब कुछ और आसान उपाय खोजने की बजाय ये शख्स पाइप के सहारे 14वीं मंजिल तक चढ़ गया। इस हैरतअंगेज कारनामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों ने उनकी फिटनेस और साहस की तारीफ तो की ही..लेकिन कईयों को ये तरीका थोड़ा अजीब भी लगा।

गिनीज़ ऋषि’ के अनोखे रिकॉर्ड: दिल्ली के हर प्रकाश ऋषि को अब “गिनीज़ ऋषि” के नाम से जाना जाता है। इन्होंने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बनाने के लिए कई अनोखे और असाधारण कारनामे किए हैं। उनके कुछ प्रमुख रिकॉर्ड इस प्रकार हैं। हर प्रकाश ऋषि ने अपने सभी दांत निकलवा दिए ताकि वे अपने मुंह में एक साथ 496 स्ट्रॉ रख सकें। इसके अलावा, उन्होंने 50 जलती हुई मोमबत्तियों को भी अपने मुंह में रखकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। साथ ही उन्होंने अपने शरीर पर 366 झंडों के टैटू भी बनवाए है, जो एक विश्व रिकॉर्ड है।

सिक्कों से सजी कार: जोधपुर के विकास पारीक ने अपने बचपन से जमा किए गए 25,000 रुपये के सिक्कों का उपयोग कर अपनी कार को अनोखे अंदाज में सजाया। इस कार को स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर “कॉइन कार” के नाम से जाना गया। इस कार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसने लोगों का ध्यान खींचा और ये चर्चा का विषय बन गई।

मिनी कूपर में 29 लोगों का बैठना: साल 2014 में, चीन के ज़ियामेन फ़ुजियान में, ज़िया लेई और मिनी चाइना ने मिलकर एक मिनी कूपर कार में 29 लोगों को बैठाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड 5 सितंबर 2014 को CCTV-गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स स्पेशल के सेट पर हासिल किया गया। इस कारनामे में, सीटों को एडजस्ट किया गया, लोगों को एक-दूसरे के ऊपर बिठाया गया, लेग स्पेस को न्यूनतम किया गया..यहां तक कि कार के पिछले हिस्से में भी लोगों को फिट किया गया। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

अफ्रीका की लंबाई दौड़कर पार की: ब्रिटेन के रसल कुक, जिन्हें “हार्डेस्ट गीज़र” कहा जाता है, ने अफ्रीका के दक्षिणी सिरे से उत्तरी सिरे तक 16,000 किमी की दूरी दौड़कर तय की। ये कारनामा उन्होंने लगभग एक साल में पूरा किया। इस यात्रा को ‘प्रोजेक्ट अफ्रीका’ नाम दिया गया। कुक ने इस चुनौती को न सिर्फ अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को परखने के लिए स्वीकार किया, बल्कि दान के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से भी इस चुनौती को पूरा किया।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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