महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रालयीन विभागों के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद राज्य में प्रशासनिक विभागों की संख्या 33 से बढ़कर 43 हो जाएगी। सरकार ने बताया कि कामकाज को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
दरअसल कैबिनेट बैठक में किसानों को भी बड़ी राहत दी गई है। वर्ष 2017 और 2019 की कर्जमाफी योजनाओं में पात्र होने के बावजूद जो किसान तकनीकी कारणों से योजना का लाभ नहीं ले पाए थे, अब उन्हें शामिल किया जाएगा। सरकार इस योजना पर करीब 14 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। लंबे समय से किसान इस राहत की मांग कर रहे थे।
कर्जमाफी को लेकर क्या फैसला हुआ?
वहीं राज्य सरकार ने साफ किया है कि कर्जमाफी का लाभ लेने के लिए किसानों को आधार प्रमाणीकरण और AgriStack प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। इसके लिए सरकार नया ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार करेगी। यह योजना राष्ट्रीयकृत बैंकों, निजी बैंकों, ग्रामीण बैंकों और जिला सहकारी बैंकों से लिए गए कर्ज पर लागू होगी।
दरअसल कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि योजना की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी। इसके अलावा राहत राशि और बैंकिंग प्रक्रिया तय करने के लिए अलग कमेटी भी गठित की जाएगी। इसमें वित्त विभाग, सहकार विभाग और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारी शामिल रहेंगे।
डेटा सत्यापन और रिकॉर्ड जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी
सरकार के मुताबिक, जिन किसानों के आवेदन पहले तकनीकी गड़बड़ी या दस्तावेजों की वजह से अटक गए थे, उन्हें अब दोबारा मौका दिया जाएगा। इसके लिए डेटा सत्यापन और रिकॉर्ड जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से पात्र किसानों तक राहत पहुंचाने में आसानी होगी।
बैठक और क्या फैसले हुए?
दरअसल कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक विभागों के पुनर्गठन के अलावा शिक्षा और उद्योग से जुड़े कई फैसले भी लिए गए। सरकार ने नए कॉलेजों और नए कोर्स को मंजूरी देने की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत नए संकाय, विषय और अतिरिक्त सेक्शन शुरू करने की प्रक्रिया सरल होगी। इसके साथ ही महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवा कर यानी MGST कानून में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। यह बदलाव केंद्र के CGST कानून के अनुरूप किए जाएंगे। सरकार महाराष्ट्र वस्तु एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2026 में जरूरी परिवर्तन करेगी।






