कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज गुरुवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान फारुख अब्दुल्ला पर हुए हमले का मुद्दा उठाया, उन्होंने इसे लेकर केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया और पूछा कि क्या फारुख अब्दुल्ला को मारने का इरादा है सरकार का , उन्होंने कहा कि कश्मीर आपके हाथ में सुरक्षित नहीं है, खड़गे की बात पर मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार किया और उन्हें जवाब दिया।
खड़गे ने कहा- आज आपने पढ़ा होगा कि जम्मू कश्मीर में डॉ फारूक अब्दुल्ला पर हमला हुआ और उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया। ऐसा माहौल वहां क्यों बना? क्योंकि जिस जम्मू-कश्मीर को कभी राज्य का दर्जा था, वहां आज पूरी सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार और अमित शाह के नियंत्रण में है।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा- जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है वहां हालात इतने खराब हो रहे हैं कि वरिष्ठ नेताओं को मारने के प्रयास हो रहे हैं अगर एक मिनट की भी चूक होती, तो फारूक अब्दुल्ला की जान जा सकती थी। उन्हें तो उनके साथ मौजूद स्थानीय सुरक्षा कर्मियों ने बचा लिया।
कांग्रेस ने की राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा सरकार का क्या इरादा है? क्या सरकार फारुख अब्दुल्ला को मारना चाहती है? मेरा सीधा सवाल है। क्या सरकार सचमुच उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है? अगर चाहती है तो पूरी सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? सच्चाई यह है कि जब तक जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल कर लोकतांत्रिक सरकार नहीं बनेगी, तब तक वहां के लोग सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।
खड़गे ने काह आज की स्थिति साफ दिखाती है कि केंद्र के नियंत्रण में कश्मीर के लोग और नेता दोनों असुरक्षित हैं। जो लोग धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और देश की एकता के लिए खड़े हैं, उन्हें डर और हिंसा के माहौल में धकेला जा रहा है।
जेपी नड्डा ने खड़गे को दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों पर पलटवार किया, उन्होंने कहा- हर घटना को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जा सकता,फारुख अब्दुल्ला पर हुए हमले के संबंध में सदन के खड़गे के प्रश्न का उत्तर देते हुए जेपी नड्डा ने नेता से घटना को राजनीतिक रंग न देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हमलावर को न्याय के कटघरे में लाने का पूरा प्रयास करेगी। इस घटना को जम्मू-कश्मीर के राज्य के मुद्दे से नहीं जोड़ा जा सकता।