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गंभीर मामले में FIR दर्ज़ कराने GRP ने कराया महिला को 300 किलोमीटर का सफ़र, यह रही वजह, रेलवे पर उठ रहे सवाल

Written by:Atul Saxena
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राज्य सरकार महिला अपराधों को लेकर गंभीर रहती है और त्वरित कार्रवाई करती है लेकिन उसके बाद भी कई समस्याएं ऐसी है जिसकी तरफ सरका र को ध्यान देने की जरुरत है, सिंगरौली रेलवे स्टेशन पर हुई घटना इसका प्रमाण है कि पीड़िता को ही शिकायत दर्ज कराने 300 किलो मीटर का सफ़र करना पड़ा।
गंभीर मामले में FIR दर्ज़ कराने GRP ने कराया महिला को 300 किलोमीटर का सफ़र, यह रही वजह, रेलवे पर उठ रहे सवाल

महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार की बात एक सामान्य शिष्टाचार की श्रेणी में आता है लेकिन पुलिस के लिए ये ड्यूटी है कि यदि कोई महिला पीड़िता है उसके साथ कुछ गलत हुआ है उसे शिकायत दर्ज करवानी है तो तत्काल एक्शन लिया जाये, लेकिन शायद शासकीय रेलवे पुलिस इस नियम का पालन करना जरूरी नहीं समझती इसलिए उसने एक पीड़िता को 300 किलोमीटर का सफर तय करवाया।

मामला सिंगरौली रेलवे स्टेशन का है जहाँ एक महिला यात्री के साथ दैहिक शोषण हुआ, दरअसल, रविवार रात 25 वर्षीय महिला पति के साथ जबलपुर-इंटरसिटी से सिंगरौली पहुंची। यहां से उन्हें चौपन जाना था। करीब 12:30 बजे पति चाय लेने स्टेशन के बाहर गया और महिला सिंगरौली-बरगवां छोर स्थित शौचालय गई।

300 किलोमीटर दूर जाकर हुई  एफआईआर  

महिला को शौचालय जाते हुए वाहन स्टैंड के कर्मचारी देवालाल साकेत (25) ने देख लिया और उसने शौचालय में घुसकर महिला के साथ गन्दी हरकत कर दी। परेशान महिला बाहर आई और अपने पति की पूरी बात बताई जिसके बाद सिंगरौली स्टेशन चौकी में शिकायत की गई, लेकिन सिंगरौली स्टेशन चौकी में ऑनलाइन एफआईआर, सीसीटीएनएस व महिला एसआई पदस्थ न होने से पीड़िता की करीब 300 किमी दूर कटनी जीआरपी थाने लाकर एफआईआर दर्ज की गई।

GRP ने आरोपी को गिरफ्तार किया  

यहाँ भी हालात ये थे कि चूँकि कटनी जीआरपी में महिला एसआई नहीं होने से जबलपुर से एसआई संजीवनी राजपूत को कटनी बुलाया गया। संजीवनी ने महिला के बयान लिए फिर आरोपी के खिलाफ धारा 64, 351 (2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया और आरोपी वाहन स्टैंड के ठेकाकर्मी को गिरफ्तार कर लिया। बता दें, सिंगरौली स्टेशन कटनी जीआरपी थाना क्षेत्र में आता है इसलिए यहां कार्रवाई हुई।

सिंगरौली से राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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