उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जल्द नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मंदिर के आसपास फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसी वजह से अब मंदिर में प्रवेश और पार्किंग व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में भक्तों को नए द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
फोरलेन निर्माण के चलते लिया गया बड़ा फैसला
मंदिर प्रबंधन के अनुसार यंत्र महल मार्ग से लेकर ग्राम चिंतामन जवासिया तक फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। निर्माण एजेंसी जल्द ही मंदिर के मुख्य द्वार के सामने खुदाई शुरू करेगी। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए दर्शन व्यवस्था बदलने की योजना बनाई गई है। मंदिर समिति पुराने प्रवेश द्वार को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है, जो चिंतामन रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित है।
नए प्रवेश द्वार के पास मिलेगी पार्किंग की सुविधा
मंदिर के पीछे स्थित पुराने प्रवेश द्वार के आसपास पर्याप्त जगह उपलब्ध है। यहां वाहन पार्किंग और फूल-प्रसाद की दुकानों के लिए भी अच्छा स्थान है। मंदिर समिति का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में ज्यादा सुविधा मिल सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हाल ही में मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रस्तावित बदलावों की जानकारी ली।
श्रद्धालुओं को सूचना देने के लिए लगाए जाएंगे बोर्ड
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि नई दर्शन व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सूचना संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। मंदिर पहुंचने वाले लोगों को नए प्रवेश मार्ग और पार्किंग की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जाएगी। प्रशासन चाहता है कि निर्माण कार्य के दौरान भी श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा दोनों प्रभावित न हों।






