Hindi News

उमरिया: बांधवगढ़ में महिला को मौत के घाट उतारने वाले बाघ की मौत, रेस्क्यू के बाद पिंजरे में मिला मृत, जांच में जुटा पार्क प्रबंधन

Reported by:Brijesh Shrivastav|Edited by:Shyam Dwivedi
Published:
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे खेरवा टोला में महिला को घर में घुसकर मौत के घाट उतारने वाले हमलावर बाघ की रेस्क्यू के बाद पिंजरे में रहस्यमयी मौत हो गई है, जिससे पार्क प्रबंधन में हड़कंप है।
उमरिया: बांधवगढ़ में महिला को मौत के घाट उतारने वाले बाघ की मौत, रेस्क्यू के बाद पिंजरे में मिला मृत, जांच में जुटा पार्क प्रबंधन

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पार्क प्रबंधन को सकते में डाल दिया है। जिस आदमखोर बाघ ने कुछ दिनों पहले ही उमरिया जिले के खेरवा टोला गांव में एक महिला को घर में घुसकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था, उसकी रेस्क्यू के बाद रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है। यह घटना वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि आमतौर पर रेस्क्यू किए गए बाघों की इस तरह से अचानक मौत नहीं होती है। पार्क प्रबंधन अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटा है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

दरअसल, उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से सटे ग्राम खेरवा टोला में बीते शुक्रवार की सुबह एक भयावह मंजर देखने को मिला था। गाँव के लोगों ने शायद ही कभी कल्पना की होगी कि एक बाघ इतनी निर्भीकता से उनके घरों में घुसकर हमला कर सकता है। लेकिन उस दिन यही हुआ, जब एक आदमखोर बाघ ने एक महिला के घर में घुसकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हृदय विदारक घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गाँव में मातम और दहशत का माहौल छा गया। हमलावर बाघ यहीं नहीं रुका, उसने गाँव के चार अन्य लोगों को भी घायल कर दिया, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और भय का माहौल और गहरा गया। ग्रामीण भयभीत थे और साथ ही इस बात पर क्रोधित भी थे कि एक वन्यजीव उनके घरों तक पहुँचकर उनकी जान ले सकता है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

हाथियों की मदद से बाघ को घेरने में मिली सफलता

इस घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ पार्क प्रबंधन की टीम हरकत में आई। गाँव में फैली सनसनी और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए, टीम ने तत्काल बाघ को पकड़ने की रणनीति बनाई। यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था, क्योंकि बाघ एक घर में छिपा हुआ था और किसी भी समय फिर से हमला कर सकता था। पार्क की टीम ने अपने अनुभवी हाथियों की मदद ली, जिनकी सहायता से दोपहर बाद घर में घुसे इस आदमखोर बाघ को घेरने में सफलता मिली। कड़ी मशक्कत के बाद, बाघ को पिंजरे में कैद कर लिया गया। ग्रामीणों ने राहत की साँस ली, क्योंकि अब उन्हें उम्मीद थी कि यह हमलावर जानवर उनके बीच से हट गया है और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

रेस्क्यू के बाद पिंजरे में मृत मिला बाघ

रेस्क्यू के बाद, बाघ को सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ लाया गया और पिंजरे में रखा गया। लेकिन यहाँ एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई। पिंजरे में कैद किए गए इस आदमखोर बाघ को जब देखा गया, तो वह मृत पाया गया। यह खबर न केवल पार्क प्रबंधन के लिए, बल्कि पूरे वन्यजीव संरक्षण समुदाय के लिए आश्चर्यजनक थी। आमतौर पर, रेस्क्यू किए गए जानवरों को चिकित्सा सहायता प्रदान की जाती है और उनकी निगरानी की जाती है, ताकि वे सुरक्षित रहें। ऐसे में बाघ का पिंजरे में मृत पाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनकी तह तक जाना आवश्यक है।

बाघ की मौत के बाद जांच में जुटा पार्क प्रबंधन

पार्क प्रबंधन अब बाघ की मौत के कारणों की गहन जाँच में जुट गया है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई। क्या उसे रेस्क्यू के दौरान कोई अंदरूनी चोट लगी थी, जिसका पता नहीं चल पाया? क्या कैद में आने के बाद तनाव के कारण उसकी मौत हुई? या फिर कोई अन्य अज्ञात कारण था, जिसने उसकी जान ले ली? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों का वैज्ञानिक तरीके से पता चल सके। इस पूरे मामले ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और आसपास के इलाकों में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि एक आदमखोर बाघ की इस तरह की मौत कई पहलुओं से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews