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15 अगस्त को लाल किले में MP को मिलेगा सम्मान, औषधीय पौधों का उत्पादन करने वाले किसान होंगे सम्मानित

Written by:Atul Saxena
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मंत्री का कहना है कि सम्मानित करने की यह अभिनव पहल, किसानों को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।
15 अगस्त को लाल किले में MP को मिलेगा सम्मान, औषधीय पौधों का उत्पादन करने वाले किसान होंगे सम्मानित

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित होने वाले भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदेश के औषधीय पौधों का उत्पादन करने वाले चयनित किसानों को उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, नई दिल्ली एवं राज्य औषधीय पादप बोर्ड, भोपाल, आयुष विभाग, मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वावधान में दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने औषधीय पौधों के उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष सम्मान के लिए चयनित किसानों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। परमार ने आयुष विभाग के अंतर्गत राज्य औषधीय पादप बोर्ड की इस अभिनव पहल की भी सराहना की है।

सम्मानित होने वाले किसानों से ये अपेक्षा 

आयुष मंत्री परमार ने कहा कि इन कृषकों ने औषधीय पौधों की खेती में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश और देश में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इनके प्रयासों से न केवल औषधीय पौधों की आपूर्ति एवं गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मंत्री परमार ने आशा व्यक्त की कि सम्मानित होने वाले कृषक आगामी समय में प्रदेश के अन्य किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रेरित भी करेंगे।

इन किसानों को मिलेगा सम्मान 

प्रदेश के रतलाम जिले के दिनेश धाकड़ एवं श्रीमती यशोदा धाकड़, निवाड़ी जिले के नेगुवान के बलराम कुशवाह एवं श्रीमती गायत्री कुशवाह, बालाघाट जिले के रामेश्वर प्रसाद सोनकर एवं श्रीमती देविका सोनकर, सागर जिले के आकाश चौरसिया एवं उज्जैन जिले के सुरेश धाकड़ एवं श्रीमती आशा बाई, ये सभी किसान दंपति दिल्ली के लाल किले में 15 अगस्त को आयोजित भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित होंगे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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