वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में मात्र 12 दिन बचे होने के बावजूद सरकार अभी भी बजट का 33% हिस्सा..यानी लगभग 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार लगातार कर्ज ले रही है, वहीं बजट खर्च सही तरह से नहीं हो रहा हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार श्वेत पत्र जारी कर बताए कि आखिर जनता को कर्ज के दलदल में क्यों धकेला जा रहा है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार की वित्तीय प्रबंधन नीतियों पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि “पूरे साल हाथ पर हाथ धरे बैठी सरकार अब आखिरी पखवाड़े में इस भारी राशि को अनाप-शनाप तरीके से ठिकाने लगाने की तैयारी में है। यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी और भ्रष्टाचार का संकेत है।”

अजय सिंह ने सरकार से की श्वेत पत्र जारी करने की मांग 

अजय सिंह ने मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे साल विकास कार्यों में सुस्ती बरतने वाली सरकार अब आखिरी पखवाड़े में इस भारी राशि को अनाप-शनाप तरीके से खर्च करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार कर्ज पर कर्ज लेकर विकास के नाम पर उधार बढ़ा रही है, दूसरी तरफ बजट राशि को समय पर खर्च करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि”यह सरकार प्रदेश को दिवालियापन की ओर धकेल रही है। साल भर विकास कार्य ठप्प रहते हैं और मार्च के आखिरी दिनों में बजट खर्च करने की होड़ मच जाती है। सरकार को श्वेत पत्र जारी कर जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर कर्ज के दलदल में क्यों फंसाया जा रहा है।”

बीजेपी पर लगाए आरोप

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, लोक निर्माण, कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्राथमिकता वाले विभागों में बजट का औसत खर्च सिर्फ 60 प्रतिशत ही हुआ है। अजय सिंह कहा कि पिछले एक हफ्ते में सरकार ने 9,900 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है, जिससे प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 5,10,000 करोड़ रुपये पार कर गया है। उन्होंने कहा है नीति आयोग ने भी सरकार की बढ़ती उधारी और कम राजस्व वसूली पर सवाल उठाए हैं। अजय सिंह ने कहा है कि ऐसे में कृषि और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बजट का पूरा उपयोग न होना प्रशासनिक विफलता को स्पष्ट दर्शाता है।