मध्य प्रदेश के सभी छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही जगह पर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अपार आईडी निर्माण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry- APAAR) बनाने का कार्य किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा के आंकडों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार स्कूली छात्रों की अपार आईडी बनाई जाएगी। अब तक 93 लाख 97 हज़ार विद्यार्थियों की अपार आईडी का निर्माण हो चुका है, शेष 44 लाख 47 हज़ार की अपार आईडी का काम आगामी 30 जून तक पूरा जाएगा। प्रदेश के शासकीय/अशासकीय स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक लगभग 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकिंत हैं। इनमें शासकीय स्कूलों के 70 लाख 09 हज़ार 516 विद्यार्थी तथा अशासकीय स्कूलों के 69 लाख 28 हज़ार 218 विद्यार्थी शामिल हैं।
मेगा अपार दिवस का 30 जून तक आयोजन
भारत सरकार के निर्देशानुसार देश भर के समस्त शासकीय/अशासकीय स्कूलों में अध्ययनरत सभी स्कूलों की APAAR-ID का निर्माण 30 जून 2026 तक अनिवार्य किया जाना है। इसी के चलते प्रदेश की समस्त स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को मेगा अपार दिवस का आयोजन किया जाएगा। सभी स्कूलों में “मेगा अपार दिवस” का 30 जून तक आयोजन किया जाएगा। 6 जून 2026 को स्कूलों में पहले अपार दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे छात्रों ने अपना अपार पंजीयन कराया।
अपार आईडी निर्माण के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक होंगे उत्तरदायी
भारत सरकार द्वारा अपार पोर्टल पर छात्रों के पंजीयन के अधिकार संबंधित शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को प्रदान किए गए हैं। छात्र अपनी शाला के प्राचार्य से संपर्क कर अपनी अपार आईडी तैयार करवा सकते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि शालावार शत प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी तैयार करवाने के लिए स्कूल के प्राचार्य ही उत्तरदायी होंगे। छात्र जिला, विकासखंड और विद्यालय स्तर पर पहुंचकर अपनी आईडी बनवा सकते हैं।
अपार आईडी क्या है
अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। यह छात्र के शैक्षणिक जीवन का डिजिटल पहचान पत्र है। विद्यार्थी के जीवन भर के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखती है। मार्कशीट, डिग्री, वैज, पुरस्कार, प्रमाणपत्र एवं उपलखियों का डिजिटल संग्रह करती है। यह एक डिजिटल और पेपरलेस रिकार्ड सिस्टम है जिसे छात्रवृति, प्रवेश एवं सरकारी योजनाओं में सहायक होने के साथ ही कहीं भी कभी भी उपयोगी की जा सकती है।
महत्वपूर्ण बातें
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिले एवं विकासखंड-वार “अपार” आईडी विहीन विद्यार्थियों” की स्कूलवार सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। जिन छात्रों के पास आधार नहीं है, उनके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला आधार नामांकन केंद्र/ बैंक/ डाकघर के माध्यम से आधार नामांकन का कार्य भी प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। छात्रों के आधार नामांकन में अथवा UDISE+ पोर्टल पर नाम की भिन्नता, आधार सीडिंग त्रुटि अथवा पालक/ अभिभावक की सहमति संग्रहण में विलंब जैसी बाधाओं को पहचान कर तत्काल दूर करने के निर्देश भी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदान किए गए हैं।






