Hindi News

बैगा, भारिया, सहरिया जनजातियों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा इन योजनाओं का लाभ, कलेक्टर्स को पत्र जारी

Written by:Atul Saxena
Published:
विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अभी तक मध्य प्रदेश में 15 चिन्हित जनजातीय बहुल जिलों में ही दिया जाता था लेकिन अब मध्य प्रदेश के किसी भी जिले में निवास करने वाले इस जनजाति समुदाय के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिया जायेगा ।
बैगा, भारिया, सहरिया जनजातियों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा इन योजनाओं का लाभ, कलेक्टर्स को पत्र जारी

मध्य प्रदेश में निवास करने वाली बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों के लिए एक अच्छी खबर है, वे अब मध्य प्रदेश के किसी भी जिले में निवास करते हों उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इस आशय के निर्देश सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स को जारी कर दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पिछले दिनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के चिन्हित 15 जिलों के अलावा अन्य जिलों में रह रहे बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों को विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए संचालित योजनाओं का लाभ देने का परीक्षण करने और उन्हें लाभ दिलवाने के निर्देश दिए थे।

बैगा, भारिया, सहरिया जनजाति विशेष पिछड़ी जनजाति समूह में शामिल

यहाँ बता दें, पांचवी से नवी पंचवर्षीय योजना की अवधि के दौरान गृह मंत्रालय द्वारा विकसित मानदंडों के आधार पर राज्य सरकारों के परामर्श से 75 जनजातीय समूहों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के रूप में नामांकित किया गया है। इसमें मध्य प्रदेश में निवास करने वाली  बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों को विशेष पिछड़ी जनजाति समूह में शामिल किया गया है।

नियुक्तियों में मिलेगा सीधा लाभ 

विशेष पिछड़ी जनजाति समूह में शामिल होने के बाद यदि  श्योपुर, मुरैना, दतिया , ग्वालियर , भिंड, शिवपुरी, गुना तथा अशोकनगर की सहरिया जनजाति, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट अनूपपुर की बैगा जनजाति और छिंदवाड़ा तथा सिवनी की भारिया जनजाति के आवेदक संविदा शाला शिक्षक या तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिए या वनरक्षक के लिए आवेदन करता है तो उस पद के लिए निर्धारित न्यूनतम योग्यता रखता है तो उसे भर्ती प्रक्रिया को अपनाए बिना उक्त पद पर नियुक्त किया जाएगा।

पहले इन 15 जिलों में ही दिया जाता था लाभ 

गौरतलब है कि इसके पहले विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ 15 जनजातीय बहुल जिलों शिवपुऱी, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर की सहरिया जनजाति, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट तथा अनूपपुर की बैगा और जिला छिंदवाड़ा के तामिया विकासखंड की भारिया जनजाति को ही दिया जा रहा था।

पीएम जनमन योजना में भी मिल रहा लाभ 

प्रदेश के किसी भी जिले में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की शासकीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए चिन्हित विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के जिलों के लिए विशेष प्रावधान को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में रहने वाले बैगा , भारिया और सहरिया परिवारों को विशेष पिछड़ी जनजाति की योजनाओं का लाभ दिए जाने में कोई कठिनाई नहीं है। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा पिछली जनजाति समूह के लिए विशेष रूप से संचालित पीएम जनमन योजना में 24 जिलों में इन समूहों के हितग्राहियों को लाभ दिया जा रहा है।