बुरहानपुर में किसानों के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान अर्धनग्न होकर अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे है, दूसरी तरफ मोहन यादव सरकार इवेंटबाजी में व्यस्त है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि इन्हीं किसानों के कारण हम सबकी थाली में रोज अन्न का दाना आता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह से किसानों को प्रताड़ित करना निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि जिस मुआवजे के लिए किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके हक का मुआवजा उन्हें दिया जाए।
किसानों ने किया अनोखा प्रदर्शन
बुरहानपुर जिले में पांगरी मध्यम सिंचाई बांध परियोजना से प्रभावित किसान पिछले तीन वर्षों से उचित मुआवजे की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लगातार कई बार अपनी मांग को लेकर आंदोलन करने के बाद भी अब तक उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। गुरुवार को किसानों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने स्वयं को ‘आदिमानव’ के रूप में प्रस्तुत करते हुए शरीर पर केले के पत्ते लपेटे और अर्धनग्न अवस्था में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रवि पटेल ने कहा कि जब तक पांगरी बांध से प्रभावित किसानों को उनका वैधानिक अधिकार और न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जीतू पटवारी ने कहा किसानों को मिले दुगना मुआवजा
इसके बाद कांग्रेस ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया है। जीतू पटवारी ने कहा कि ‘बुरहानपुर में किसान भाइयों को अर्धनग्न होकर सोई हुई मोहन सरकार को जगाना पड़ रहा है। इन किसानों की पांगरी सिंचाई परियोजना में अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा पिछले तीन वर्षों से लंबित है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 स्पष्ट रूप से ग्रामीण भूमि पर दोगुने मुआवजे का प्रावधान करता है, फिर भी मोहन सरकार किसानों के न्याय और हक पर पैर पसारकर कुंभकर्णीय नींद में सो रही है।’ उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा है कि जिन किसानों के कारण हम सबको भोजन मिलता है, उनके हक का मुआवजा उन्हें दिया जाए।





