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सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अनावरण, मोबाइल ऐप लॉन्च, एक क्लिक पर मिलेगी 189 भाषाओं में पंचांग की जानकारी

Written by:Shruty Kushwaha
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यह घड़ी भारतीय पंचांग और वैदिक कालगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। इसमें तिथि, नक्षत्र, योग, वार, मास, व्रत-त्योहार, 7000 वर्षों की पंचांग गणना, 30 मुहूर्त, सूर्योदय–सूर्यास्त और मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अनावरण, मोबाइल ऐप लॉन्च, एक क्लिक पर मिलेगी 189 भाषाओं में पंचांग की जानकारी

सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री निवास में भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में यहां स्थापित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का अनावरण किया और इससे जुड़ा मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया। इसी के साथ खगोल विज्ञान पर आधारित वीडियो सीडी एवं राजा भोज से संबंधित फोल्डर का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में सीएम को परंपरा और तकनीक के संगम की प्रतीक डिजिटल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भेंट की गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिस मुख्यमंत्री आवास पर यह वैदिक घड़ी स्थापित हुई है यह आवास मेरा नहीं बल्कि प्रदेश की 9 करोड़ जनता का है।

मुख्यमंत्री ने किया विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण करते हुए कहा कि हमारे व्रत-त्योहार तिथियों की गणना के आधार पर हैं। ये अंग्रेजी कैलेंडर पर नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि ‘पंचांग और वैदिक गणना का क्या महत्व है आज पूरी दुनिया यह जान रही है। हमारे यहां वर्ष की गणना भी तिथियों और छह ऋतुओं के आधार पर की गई है। हजारों वर्ष पूर्व सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण कब घटित हुए यह जानकारी हमें पंचांग के माध्यम से सहज ही मिल जाती है। इसी प्रकार मुहूर्तों का भी हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारत का समय, अब दुनिया के साथ हमारे इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया के माध्यम से परिभाषित किया गया है।’

मोबाइल ऐप पर मिलेगी सारी जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया के माध्यम से परिभाषित किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘समय की गणना सूर्योदय से सूर्योदय तक होनी चाहिए, क्योंकि रात बारह बजे दिन बदलने का कोई औचित्य नहीं है। हमारे इतिहास में खगोल विज्ञान को सूर्य की छाया के आधार पर समझा और परिभाषित किया गया है। हमारे भारत का ज्ञान और कौशल समूची मानवता के लिए है।’ सीएम ने कहा कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब मोबाइल ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध है और इसे डाउनलोड कर सभी लोग अपने फोन पर हर उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

जानिए विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की विशेषताएं

भारतीय पंचांग और पारंपरिक कालगणना को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने वाली यह विशेष विक्रमादित्य घड़ी समय बताने के साथ-साथ तिथि, नक्षत्र, योग, वार, मास, व्रत और त्योहारों की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपराओं, वैदिक गणनाओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का एक अनुपम संयोजन है। यह दुनिया की पहली ऐसी घड़ी है, जो भारतीय कालगणना की प्रामाणिक पद्धति को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत करती है। इसमें पंचांग की 7000 वर्षों की गणना, 30 मुहूर्तों का विवरण, अलार्म सुविधा, वैदिक समय (30 घंटे आधारित प्रणाली), साथ ही GMT और IST समय, सूर्योदय–सूर्यास्त और मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसकी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए लोग कहीं से भी व्रत-त्योहारों और पंचांग की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि यह घड़ी 189 से अधिक भाषाओं में देखी और समझी जा सकेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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