इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उपजा स्वास्थ्य संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। अस्पताल में भर्ती कई मरीज अब भी जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस ने इस मामले को लेकर 3 फरवरी को इंदौर में विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
जीतू पटवारी ने आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि भागीरथपुरा में लगातार सामने आ रही गंभीर स्थितियां प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होंने इंदौरवासियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होकर पीड़ितों की आवाज़ बुलंद करें।
इंदौर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा भागीरथपुरा में जहरीला पानी पीने वाले एक और मरीज़ की अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने कहा कि ‘बत्तीस लोगों की मौत छोटी घटना नहीं है। ये बत्तीस हत्या है। जिनपर जल से जीवन देने की जिम्मेदारी थी उन्होंने ये हत्या की है। कांग्रेस तीन फरवरी को राजवाड़ा में आंदोलन कर रही है और इंदौरवासियों से आग्रह है कि वे इसमें शामिल होकर आवाज़ उठाएं। नगर निगम के महापौर को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।’
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष मांग कर रहा है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, जिम्मेदार अधिकारी और नेता नैतिक आधार पर इस्तीफा दें तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। बता दें कि भागीरथपुरा में यह समस्या पिछले साल दिसंबर में शुरु हुई जब इलाके के नलकूपों और पाइपलाइन के माध्यम से वितरित होने वाले पानी में फेकल कोलिफॉर्म और अन्य बैक्टीरिया जैसे दूषित तत्व पाए गए। इससे उल्टी-दस्त और पानी से फैलने वाली बीमारियां फैली। इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई और अब भी कई मरीज़ अस्पताल में भर्ती हैं। कांग्रेस इस मामले पर ज़िम्मेदार लोगों के इस्तीफे की मांग कर रही है। उसका कहना है कि देश में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब पाने वाले इंदौर में इस तरह की घटना से सरकार के तमाम दावों की असलियत उजागर हो गई है।





