भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी राजा बाबू सिंह (IPS Raja Babu Singh) ने एक कार्यक्रम के दौरान मदरसों में गीता पढ़ाने का सुझाव दिया है, उनके इस सुझाव का मध्य प्रदेश भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने समर्थन किया है उन्होंने कहा कि गीता विश्व में मानवता की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है, गीता से आत्मबल मिलता है सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है।
आईपीएस अधिकारी, मध्य प्रदेश पुलिस के एडीजीपी (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने गणतंत्र दिवस के मौके पर एक ऐसा संबोधन दिया जो चर्चा का विषय बना हुआ है, उन्होंने सीहोर जिले के ग्राम दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया, कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए उन्होंने कुरान के साथ-साथ श्रीमद्भगवद् गीता के अध्ययन की भी सलाह दी।
कुरान की तरह ही गीता कर्म और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती है
एडीजी राजाबाबू सिंह ने कहा कि जैसे कुरान जीवन को सही दिशा दिखाती है, वैसे ही गीता कर्म, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती है, यदि बच्चों को विभिन्न धर्मग्रंथों की सकारात्मक शिक्षाओं से परिचित कराया जाए, तो उनमें बेहतर सोच, नैतिकता और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होती है। एडीडीजी ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी बताया और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया।
गीता से आत्मबल मिलता है सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है
राजा बाबू सिंह के इस सुझाव का मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा ने समर्थन किया, उन्होंने कहा गीता विश्व में मानवता की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है गीता से आत्मबल मिलता है सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है गीता से अन्याय और अपराध से लड़ने की प्रवत्ति पैदा होती है।
गीता सबको पढ़ना चाहिए और गीता सबको पढ़ाना भी चाहिए
रामेश्वर शर्मा ने कहा जब मदरसे में हिंदू बच्चों को बुलाकर उर्दू पढ़ा सकते हो तो गीता पढ़ने में क्या आपत्ति है। गीता सबको पढ़ना चाहिए और गीता सबको पढ़ाना भी चाहिए। राजा बाबू सिंह ने जैसा कहा है वह निश्चित ही स्वागत योग्य है।





