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कमलनाथ ने रोज़गार के मुद्दे पर MP सरकार को घेरा, सीएम डॉ. मोहन यादव से की ये माँग

Written by:Shruty Kushwaha
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पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर रोजगार देने में असफल रहने का आरोप लगाया है, खासकर रोजगार मेलों के संदर्भ में। उन्होंने कहा कि 58,000 रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन तीन मेलों में चयनित 686 बेरोजगारों में से किसी को भी रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने इसे प्रशासनिक क्रूरता और सरकार की नाकामी करार दिया है।
कमलनाथ ने रोज़गार के मुद्दे पर MP सरकार को घेरा, सीएम डॉ. मोहन यादव से की ये माँग

Kamal Nath

Kamal Nath Accuses MP Government : पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर रोज़गार देने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी सरकार युवाओं को रोज़गार देने के मामले में पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि प्रदेश में बेरोज़गारी दूर करने की वास्तविक उपाय किए जाएं।

उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि सरकार बेरोज़गारों का मज़ाक उड़ा रही है। बता दें कि कांग्रेस लगातार रोज़गार के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। पिछले दिनों मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी विपक्ष ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरा था।

रोज़गार को लेकर कांग्रेस का सरकार पर निशाना

कमलनाथ ने प्रदेश सरकार के रोजगार मेलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब तक रोजगार मेलों के माध्यम से 58,000 रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन तीन रोजगार मेलों में चयनित कुल 686 बेरोज़गारों का अध्ययन करने पर यह स्पष्ट हुआ कि इनमें से किसी को भी रोजगार नहीं मिला। कमलनाथ ने इसे प्रशासनिक क्रूरता और सरकार की नाकामी करार दिया।

कमलनाथ ने की मुख्यमंत्री से मांग 

मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि ‘कि मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार युवाओं को रोज़गार देने के मामले में ना सिर्फ़ पूरी तरह नाकाम है बल्कि वह रोज़गार देने के नाम पर बेरोजगारों का मज़ाक उड़ा रही है। प्रदेश में अब तक रोज़गार मेलों में 58, हज़ार रोज़गार देने का वादा किया गया है लेकिन तीन रोज़गार मेलों में चयनित 686 बेरोजगारों के अध्ययन से स्पष्ट हो गया है कि 686 में से एक भी अभ्यर्थी को रोज़गार नहीं मिला। यह बेरोजगारों को रोज़गार देने के नाम पर प्रशासनिक क्रूरता के अलावा और क्या है? प्रदेश का नौजवान रोज़गार के लिए परेशान है और सरकार उनकी बेरोज़गारी का फ़ायदा उठाकर अपनी इवेंटबाज़ी करने में व्यस्त है। मैं मुख्यमंत्री से माँग करता हूँ कि नौजवानों का इस तरह मज़ाक उड़ाना बंद किया जाए और प्रदेश में बेरोज़गारी दूर करने की वास्तविक उपाय किए जाएं।’

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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