मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लेकर बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की पटकथा पहले से लिखी गई थी और भाजपा की स्क्रिप्ट के अनुसार ही घटनाएं घटित हुईं। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब कांग्रेस पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई को लड़ रही है और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए हर संभव कानूनी और लोकतांत्रिक कदम उठाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कल हुए घटनाक्रम के दौरान भाजपा की रणनीति के तहत विशेष विमान को जानबूझकर रोका गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी भाजपा ने साजिश रची और पूर्व निर्धारित स्क्रिप्ट के मुताबिक भाजपा की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर ने फैसला सुनाया। उन्होंने कहा किया कि यह पूरा घटनाक्रम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया।
उमंग सिंघार ने बीजेपी पर लगाया साज़िश का आरोप
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद उमंग सिंघार ने भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने विशेष विमान रोके जाने, विधानसभा में रणनीति बनाने और भाजपा की आपत्ति के आधार पर फैसला होने का दावा करते हुए पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि जिस मामले को आधार बनाकर नामांकन खारिज किया गया, उसमें न तो कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज है, न किसी अदालत द्वारा दोषसिद्धि हुई है और न ही कोई न्यायिक निर्णय सामने आया है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सिर्फ एक नोटिस को आधार बनाकर किसी उम्मीदवार का नामांकन निरस्त कर देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर आशंकाएं पैदा करती है। कांग्रेस नेता सिंघार ने कहा कि कांग्रेस को विश्वास है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता और न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप निर्णय लेगा। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं, संवैधानिक मूल्यों और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी।
एक दिन पहले निरस्त हुआ नामांकन
बता दें कि मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए नामांकन निरस्त कर दिया। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। कांग्रेस नेता इस मामले को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और इसे लोकतंत्र की हत्या की कोशिश करार दे रहे हैं। पार्टी का कहना है कि बिना किसी ठोस आधार सिर्फ एक नोटिस के सहारे इतना बड़ा कदम उठाना पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। अभी इस मामले पर चुनाव आयोग का अंतिम फैसला आना बाकी है।






