मध्य प्रदेश में मानसून सीजन खत्म हो गया है। 1 जून से 30 सितंबर तक के मानसूनी सीजन में इस बार 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है,जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे सीजन में प्रदेश में करीब 4 फीसदी बारिश कम हुई।
मौसम विभाग की मानें तो 2 से 3 दिन में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वातावरण में नमी के चलते एक-दो दिन बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन कहीं- भी भारी बारिश की संभावना नहीं है। गुरुवार, 1 अक्टूबर को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में धूप का असर रहेगा।
पूर्वी मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां 4% ज्यादा पानी गिरा लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम बारिश दर्ज की गई। इसी के चलते प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका हालांकि 25 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
इस सीजन में पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% कम पानी गिरा है।
इसके अलावा बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 3% से 21% तक कम बारिश हुई है। अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।







