ग्वालियर। अतुल सक्सेना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक प्रभावी जनता कर्फ्यू में आवश्यक सेवाओं में आने वाले पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, नर्स, नगर निगम कर्मचारियों, मीडियाकर्मियों आदि को धन्यवाद देने के लिये पांच बजे पांच मिनट तक थाली, ताली, शंख,घंटी या कुछ और घर की छत या बालकनी में बजाने का अनुरोध किया था। उसका सार्थक और प्रभावी परिणाम देखने को मिला। जन सामान्य के साथ साथ पीएम की इस अपील का वरिष्ठ राजनेताओं पर भी असर दिखाई दिया। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर पूरे परिवार के साथ थाली बजाई और जनसेवकों को धन्यवाद दिया। श्री तोमर के अलावा वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ताली बजाते दिखाई दिये उन्होंने दिल्ली स्थित आवास की बालकनी में बेटे महाआर्यमन सिंधिया और बेटी अनन्या राजे के साथ मिलकर ताली बजाई। अपने ट्विटर हैंडल पर तस्वीर पोस्ट करते हैं सिंधिया ने पीएम मोदी के कोरोना से लड़ने के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की और इस कठिन समय में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों, नर्सों, मीडियाकर्मियों, नगर निगम कर्मियों सहित आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों को धन्यवाद दिया।
केंद्रीय मंत्री तोमर ने थाली तो सिंधिया ने ताली बजाकर जताया आभार
Written by:Gaurav Sharma
Last Updated:
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






