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PM Modi ने कहा किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, जीतू पटवारी ने किया पलटवार

Written by:Atul Saxena
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जीतू पटवारी ने कहा मेरी समझ से यह परे है कि आप कौन-से देश के किसान समृद्धि तस्वीर बता रहे हैं? क्योंकि, मेरे मध्यप्रदेश का गरीब/कर्जदार किसान तो आज भी खाद, बीज, सिंचाई, उचित मूल्य, बढ़ते कर्ज़ के संकट से जूझ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने सोशल मीडिया एकाउंट X पर रोज एक सुभाषितम्  लिखते हैं जिसमें वे अलग अलग विषयों पर बात करते हैं उन्होंने आज कृषि और किसानों से संबंधित सुभाषितम् लिखा, मोदी ने इसके बाद कुछ पोस्ट की जिसमें उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है लेकिन कांग्रेस ने इसपर आपत्ति जताई है और पलटवार किया है।

प्रधानमंत्री ने सुभाषितम् पोस्ट करते हुए लिखा- कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है। इसके बाद उन्होंने कुछ और पोस्ट की।

किसान अन्न सुरक्षा, पोषण समृद्धि के आधार: मोदी 

पीएम ने लिखा – हमारे किसान भाई-बहन देश की अन्न सुरक्षा, पोषण और समृद्धि के आधारस्तंभ हैं। उनके जीवन को अधिक से अधिक आसान बनाने के लिए हमारी सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। पीएम-किसान सम्मान निधि और फसल बीमा योजना जैसी कई पहल उनकी आय की सुरक्षा के साथ-साथ खेती को अधिक सशक्त बना रही हैं। पीएम-कुसुम योजना से जहां खेती के लिए उन्हें सौर ऊर्जा सुलभ हुई है, वहीं इससे खेती पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है।

किसान क्रेडिट कार्ड, सॉयल हेल्थ कार्ड लाभकारी 

खेती सहित अन्य जरूरतों के लिए कम ब्याज पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराने में किसान क्रेडिट कार्ड किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के बहुत काम आ रहा है। उनकी फसलों को उचित मूल्य दिलाने के लिए ‘बीज से बाजार तक’ की हमारी पहल भी बहुत कारगर साबित हो रही है। किसानों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसलिए उन्हें कृषि से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर हमारा निरंतर जोर रहा है। ड्रोन, सॉयल हेल्थ कार्ड और प्राकृतिक खाद से जुड़े अभियानों से भी किसानों को फसल की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में किसानों की समृद्धि और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना को किसानों के लिए लाभकारी बताया लेकिन कांग्रेस इससे सहमत नहीं दिखाई देती, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीएम के बयानों पर पलटवार किया है।

PM Modi के बयानों पर जीतू पटवारी का पलटवार 

  • जीतू पटवारी ने X पर कहा- प्रधानमंत्री जी, मेरी समझ से यह परे है कि आप कौन-से देश के किसान समृद्धि तस्वीर बता रहे हैं? क्योंकि, मेरे मध्यप्रदेश का गरीब/कर्जदार किसान तो आज भी खाद, बीज, सिंचाई, उचित मूल्य, बढ़ते कर्ज़ के संकट से जूझ रहा है।
  • मप्र के अशोकनगर, सिवनी, विदिशा, गुना, राजगढ़ जैसे कई जिलों में किसान आधी रात से खाद के लिए लाइन लगा रहे हैं, ई-टोकन के लिए रातभर जाग रहे हैं! बोवनी के इस समय में खाद-बीज की किल्लत झेल रहे हैं
  • किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा, पीएम-किसान का उल्लेख भी आप कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब डीज़ल, खाद, बीज और कृषि लागत रोजाना और लगातार बढ़ रही है तो किसानों की वास्तविक आय क्यों नहीं बढ़ रही?
  • देश में किसान/कृषि मजदूर आत्महत्याओं का संकट भी चिंता का सबसे बड़ा विषय है। क्या आप नहीं जानते हैं कि राष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि 2023 में खेती-किसानी से जुड़े आत्महत्या के मामलों में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई
  • किसान सम्मान निधि की ₹6,000 सालाना सहायता ऊंट के मुंह में “राई” है। क्योंकि, यह राशि बढ़ती कृषि लागत, महंगी खाद, बिजली, सिंचाई और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं कर पा रही है
  • आपके कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से ही पूछ लीजिए कि किसान को अब भाषण नहीं, समय पर खाद चाहिए। सरकारी प्रचार नहीं, उपज का लाभकारी मूल्य चाहिए, किसान को हैशटैग नहीं, खेती की गारंटी चाहिए
  • मुख्यमंत्री  डॉ मोहन यादव भी मप्र के इस जमीनी सच से इनकार नहीं कर सकते कि जब तक खेत की मेड़ पर खड़ा किसान समृद्ध नहीं होगा, तब तक सोशल मीडिया पर लिखी गई ‘किसान समृद्धि’ झूठी ही मानी जाएगी

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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