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पश्चिम मध्य रेल्वे में RPF ने बचाए सैकड़ों बच्चे, जान की बाजी लगाकर बचाई यात्रियों की जान, यात्री सामान की भी सुरक्षा की

Written by:Sushma Bhardwaj
Published:
रेल सुरक्षा बल ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते,ऑपरेशन अमानत,ऑपरेशन जीवन रक्षा,ऑपरेशन मेरी सहेली के तहत पिछले एक वर्ष में कई उलब्धियाँ हासिल की।
पश्चिम मध्य रेल्वे में RPF ने बचाए सैकड़ों बच्चे, जान की बाजी लगाकर बचाई यात्रियों की जान, यात्री सामान की भी सुरक्षा की

RPF rescued 250 children under “Operation Nanhe Farishte

BHOPAL NEWS :  रेल सुरक्षा बल, रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारियों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करने हेतु चौबीस घंटे सतत् कार्य करते हुये सुरक्षित माल परिवहन के साथ-साथ रेल यात्रियो की सुरक्षा एवं सहायता भी कर रही है। पश्चिम मध्य रेल वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की समयावधि के दौरान रेल सुरक्षा बल द्वारा कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पश्चिम मध्य रेल के द्वारा वर्ष 2023-24 में 428 बिछड़े/घर से भागे/अपहरण का शिकार हुये बच्चों को उनके परिजनों/पुलिस/गैर सरकारी संगठन जैसे चाइल्ड लाइन इत्यादि को सुपुर्द किया था तथा वर्ष 2024-25 में 595 बिछडे/ घर से भागे/अपहरण का शिकार हुये बच्चों को उनके परिजनों/पुलिस/ गैर सरकारी संगठन जैसे चाइल्ड लाइन इत्यादि को सुपुर्द किया।

ऑपरेशन अमानत

ऑपरेशन अमानत के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 704 यात्रियों को उनकी खोयी हुयी संपत्ति (जैसे- मोबाइल, लैपटॉप, पर्स, ज्वैलरी इत्यादि) अनुमानित कीमत 2,04,25,289/- रूपये को सुपुर्द किया तथा वर्ष 2024-25 में 916 यात्रियों को उनकी खोयी हुयी संपत्ति (जैसे- मोबाइल, लैपटॉप, पर्स, ज्वैलरी इत्यादि) अनुमानित कीमत 1,81,87,108 /- रूपये को सुपुर्द किया।

ऑपरेशन जीवन रक्षा

ऑपरेशन जीवन रक्षा के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 14 यात्रियों की जान को बचाया गया तथा वर्ष 2024-25 में 31 यात्रियों की जान को बचाया गया।

ऑपरेशन मेरी सहेली

ऑपरेशन मेरी सहेली के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 6,985 ट्रेनों में 52,511 महिलाओं को आरपीएफ महिला अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक सहायता प्रदान की गयी। तथा वर्ष 2023-24 में 7,521 ट्रेनों में 58,312 महिलाओं को आरपीएफ महिला अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक सहायता प्रदान की गयी।

 

Sushma Bhardwaj
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