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MP में गेहूं खरीदी को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, ‘नमी’ के नाम पर अतिरिक्त गेंहू वसूली का आरोप

Written by:Shruty Kushwaha
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गेहूं खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर नमी के बहाने अतिरिक्त कटौती कर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
MP में गेहूं खरीदी को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, ‘नमी’ के नाम पर अतिरिक्त गेंहू वसूली का आरोप

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों के साथ कथित अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि राज्य में खरीदी व्यवस्था किसानों के हितों की बजाय उनके शोषण का माध्यम बनती जा रही है। इसी के साथ उन्होंने सरकार से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल मेहनत और उम्मीद के साथ खरीदी केंद्र तक लेकर जाता है, लेकिन वहां उसे पूरा मूल्य मिलने के बजाय नुकसान उठाना पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कांग्रेस नेता ने कहा कि “नमी के नाम पर किसानों से अतिरिक्त गेहूं की कटौती की जा रही है और कई मामलों में तौल पर्ची में वास्तविक मात्रा से कम गेहूं दर्ज किया जा रहा है।”

उमंग सिंघार ने गेंहू खरीदी को लेकर लगाए आरोप 

उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर खरीदी केंद्र पर पहुंचता है तो उसे उम्मीद होती है कि उसकी एक-एक बूंद पसीने का पूरा हक मिलेगा। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि “नमी” के नाम पर प्रति ट्रॉली 25 किलो तक अतिरिक्त गेहूं वसूला जा रहा है। तौल के बाद पर्ची में जानबूझकर कम मात्रा लिख दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह गड़बड़ी नहीं, बल्कि किसानों के साथ संगठित लूट है।

सरकार से की कार्रवाई की मांग 

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि क्या यह सब प्रशासन की जानकारी के बिना हो रहा है या फिर किसी के संरक्षण में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बार-बार किसानों का हित साधने का दावा करती है, लेकिन जमीन पर किसान सबसे ज्यादा ठगा जा रहा है। उमंग सिंघार ने इस मामले पर सरकार से तुरंत कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को सजा दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान के एक-एक दाने का सही मूल्य उसे मिले। बता दें कि मध्यप्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी के दौरान कई खरीदी केंद्रों पर किसानों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि नमी की आड़ में तौल के समय ही अतिरिक्त गेहूं काट लिया जाता है और बाद में पर्ची में कम वजन लिख दिया जाता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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