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MSP पर गेहूं उपार्जन के लिए 15.33 लाख किसानों ने कराया पंजीयन, MP में 5 मई तक होगी खरीद, भुगतान पर अपडेट

Written by:Atul Saxena
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खाद्य मंत्री राजपूत के मुताबिक इस साल प्रदेश में लगभग 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन अनुमानित है। इस उपार्जन पर समर्थन मूल्य की राशि 19,400 करोड़ रुपये तथा बोनस की राशि 1400 करोड़ रूपये का किसानों को भुगतान किया जाना संभावित है।।
MSP पर गेहूं उपार्जन के लिए 15.33 लाख किसानों ने कराया पंजीयन, MP में 5 मई तक होगी खरीद, भुगतान पर अपडेट

wheat procurement

Wheat procurement in MP at MSP: मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन अब बंद हो गया है यानि जिन किसानों ने स्लॉट बुक नहीं कराये अब उन्हें निराश होना पड़ेगा क्योंकि पंजीयन की अंतिम तारीख 9 अप्रैल अब बीत चुकी है, आपको बता दें कि 20 अप्रैल से शुरू होकर 9 अप्रैल तक चली पंजीयन की प्रक्रिया में 15 लाख 33 हजार किसानों ने एमएसपी पर गेहूं उपार्जन के लिए अपना पंजीयन कराया और स्लॉट बुक किया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि उपार्जन की अवधि 15 मार्च से 5 मई 2025 तक निर्धारित है। अतः जिन किसानों का पंजीयन हो चुका है सरकार उनके गेहूं की खरीदी 5 मई तक करेगी, गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में किसानों को गेहूं के लिए 2,425 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 175 प्रति क्विंटल बोनस, कुल 2,600 प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।

26.73 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन

खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में 3,528 उपार्जन केंद्रों की स्थापना की गई है। अब तक कुल 3.09 लाख किसानों से 26.73 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। इसमें से 24.44 लाख मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है।

किसानों को 5,027 करोड़ रुपये का भुगतान

मंत्री राजपूत ने बताया कि अब तक किसानों को 5,027 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान 3 से 5 कार्य दिवसों में पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर उचित मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए संकल्पबद्ध है। उपार्जन प्रक्रिया को सरल, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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