करीब 50 साल तक राजनीति में साथ रहने के बाद केसी त्यागी ने जेडीयू से दूरी बना ली है। दरअसल उन्होंने जेडीयू से अलग होने के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह फैसला किसी विवाद की वजह से नहीं बल्कि बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लिया गया है। हालांकि उन्होंने नीतीश कुमार के साथ अपने रिश्तों को अब भी मजबूत बताया है।
दरअसल केसी त्यागी ने कहा कि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है बल्कि इस बार सदस्यता अभियान में अपनी मेंबरशिप रिन्यू नहीं कराई है। उनके मुताबिक रिश्ते जैसे थे वैसे ही हैं यानी व्यक्तिगत तौर पर कोई मतभेद नहीं है। दरअसल उन्होंने यह भी इशारा किया कि जेडीयू में उनकी सक्रिय भूमिका अब काफी सीमित हो गई थी। ऐसे में उन्होंने नई दिशा में काम करने का फैसला लिया। त्यागी ने यह भी बताया कि वह अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में खुद को ज्यादा एक्टिव करना चाहते हैं।
नीतीश कुमार से दूरी?
वहीं केसी त्यागी के इस फैसले को लेकर राजनीति की दुनिया में भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने अपने बयान में साफ किया कि नीतीश कुमार से उनका रिश्ता नहीं बिगड़ा है, लेकिन हालात बदल गए हैं। केसी त्यागी ने कहा कि समाजवादी आंदोलन के पुराने नेता अब कम रह गए हैं और राजनीति की दिशा भी बदल रही है। दरअसल जेडीयू लंबे समय से बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाती रही है, लेकिन हाल के समय में पार्टी के भीतर कई बदलाव देखने को मिले हैं।
दिल्ली बैठक में होगा बड़ा ऐलान?
दरअसल केसी त्यागी ने 22 मार्च को दिल्ली के मावलंकर हॉल में अपने समर्थकों और साथियों के साथ बैठक बुलाने की घोषणा की है। ऐसे में इस बैठक को उनकी अगली राजनीतिक रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल उन्होंने कहा है कि इसी दिन वह अपने भविष्य को लेकर बड़ा फैसला सामने रखेंगे। त्यागी का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से लेकर जनता पार्टी, लोकदल और कर्पूरी ठाकुर के नेतृत्व में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। यही वजह है कि उनका हर कदम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।






