बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच TRE-4 नोटिफिकेशन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पटना में छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 18 मार्च से पहले अधिसूचना जारी नहीं होती, तो बड़े स्तर पर सड़क प्रदर्शन किया जाएगा।
मामला बिहार लोक सेवा आयोग की चौथे चरण की शिक्षक भर्ती से जुड़ा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बहाली के लिए 11 फरवरी 2026 को अधियाचना भेजी जा चुकी थी। उसी दिन BPSC के परीक्षा नियंत्रक की ओर से भी पत्र जारी कर कहा गया था कि परीक्षा का नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा, लेकिन करीब 25 दिन बाद भी औपचारिक विज्ञापन जारी नहीं हुआ।
18 मार्च को पटना कॉलेज से प्रस्तावित प्रदर्शन
छात्र नेता दिलीप ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि TRE-4 नोटिफिकेशन में देरी के खिलाफ 18 मार्च को पटना कॉलेज से महा आंदोलन निकाला जाएगा। उनके अनुसार, हजारों शिक्षक अभ्यर्थी इस विरोध में शामिल होकर पटना की सड़कों पर उतरेंगे।
‘अगर 18 मार्च के पहले तक BPSC चौथे चरण की शिक्षक बहाली का नोटिफिकेशन जारी नहीं करता है, तो 18 मार्च को बहुत बड़ा आंदोलन होगा।’ — छात्र नेता दिलीप
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब अधियाचना मिल चुकी है और आयोग ने जल्दी तिथि घोषित करने की बात कही थी, तो प्रक्रिया रुकी क्यों है।
छात्र नेता ने मुख्यमंत्री से भी की अपील
दिलीप ने अपने बयान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए कई बहालियां निकालीं और बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुईं। छात्र नेता ने यह दावा भी दोहराया कि 16 जुलाई 2025 को TRE-4 शिक्षक बहाली की घोषणा की गई थी।
उनकी मांग है कि मौजूदा कार्यकाल के दौरान ही TRE-4 नोटिफिकेशन जारी कराया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया तय समय के भीतर आगे बढ़ सके।
कैलेंडर में भर्ती दर्ज, लेकिन औपचारिक विज्ञापन बाकी
इस पूरे विवाद के बीच BPSC ने फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में अपना वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी किया था। आयोग के इस कैलेंडर में कुल 48 भर्तियों का उल्लेख है। इनमें TRE-4 के तहत 46,595 पदों पर नियुक्ति का प्रावधान दर्ज है।
कक्षा 1 से 12वीं तक के सरकारी स्कूलों के लिए प्रस्तावित इस भर्ती की परीक्षा तिथियों को लेकर भी संकेत दिए गए हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर जारी शेड्यूल के मुताबिक परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, अभ्यर्थियों की मुख्य आपत्ति यही है कि विस्तृत नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं हुआ है, जिसके बिना आवेदन, पात्रता, विषयवार पद और अन्य शर्तों पर स्पष्टता नहीं बन पा रही।
अब निगाह 18 मार्च से पहले आयोग की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है। यदि विज्ञापन जारी होता है तो आंदोलन टल सकता है, और अगर देरी जारी रहती है तो पटना में विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना है।






