ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच चल रही शांति वार्ताओं और संघर्ष विराम के प्रयासों के चलते भू-राजनीतिक तनाव में थोड़ी नरमी आई है। मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलती परिस्थितियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक के द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण कीमती धातुओं में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 30 जून 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शादी-ब्याह के सीजन की खरीदारी करने वालों को बड़ी राहत मिली है।
मंगलवार को सर्राफा बाजार और एमसीएक्स में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,41,440 रुपये पर आ गया। देश के अलग-अलग शहरों में रेट 1,40,150 रुपये से 1,41,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में देखा जा रहा है। वहीं आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 1,28,450 रुपये से 1,29,650 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच ट्रेड कर रही है। कम बजट वाले आभूषणों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोने के दाम 1,05,100 रुपये से 1,06,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गए हैं।
बाजार में चांदी 2,19,400 रुपये से लेकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास (अलग-अलग शहरों के टैक्स और शुद्धता के आधार पर) कारोबार कर रही है। विदेशी बाजारों में स्पॉट गोल्ड 3,980.70 डॉलर प्रति औंस और चांदी लगभग 57.325 डॉलर प्रति औंस आ गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी चर्चाओं और तनाव में आई कमी के चलते कच्चे तेल के बाजार को बड़ी राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 72.83 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये को भी मजबूती ( 94.58 से 94.61 के बीच ) मिली है, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव कम हुआ है। हालांकि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 101.31 के स्तर पर मजबूत बना हुआ है। डॉलर की इस मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों पर दबाव बना और भारत में गिरावट आई।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने या दोबारा बढ़ाने की चिंताओं ने निवेशकों को प्रभावित किया है। ऊंची ब्याज दरों के कारण निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड्स की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। हालांकि जिन परिवारों में आगामी महीनों में शादी या अन्य समारोह है उनके लिए इस समय सोना खरीदना एक अच्छा अवसर हो सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए धीरे-धीरे सोने में अपना निवेश जोड़ें, क्योंकि भू-राजनीतिक और आर्थिक बदलावों के चलते आने वाले दिनों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID कोड जरूर जांचें। 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।






