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Gold Rate 12 June: सोने की कीमतों में उछाल, जानिए शुक्रवार का 10 ग्राम गोल्ड का लेटेस्ट रेट

Written by:Pooja Khodani
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गिरावट के बाद शुक्रवार को फिर सोने-चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। शुद्ध सोने की कीमत 1,48, 550 लाख रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गई, वहीं चांदी 2,42,654 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।

अमेरिका- ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और शांति समझौते की चर्चाओं के बीच भारतीय सराफा बाजार में 12 जून 2026 को तेजी देखी गई है। 24 कैरेट सोने का भाव 1,48,580 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं गहने बनाने के लिए सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने का दाम 1,36,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया है।

औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार में आए सुधार के चलते चांदी के भाव में मजबूती आई है। चांदी  2,42,800 रुपये से लेकर 2,43,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,075 से $4,175 प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर रहा है। चांदी $66 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद अमेरिका-ईरान के बीच एक बार फिर शांति समझौते की उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच विवाद सुलझाने के लिए अगले कुछ दिनों में अंतिम समझौता हो सकता है। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की संभावनाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया है। इसी के साथ ऊर्जा संकट और महंगाई का दबाव थोड़ा कम होने की उम्मीद जागी है।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) फिलहाल 99.90 के स्तर के आसपास मामूली उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर बना हुआ है, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.28 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव घटने और डॉलर की चाल के कारण कीमती धातुओं पर दबाव देखा जा रहा है। हाल ही में आए मजबूत अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।

बाजार विशेषज्ञों की मानें तो जब तक अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं होता, तब तक वैश्विक और घरेलू बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। केंद्रीय बैंकों (विशेषकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व) द्वारा ब्याज दरों को लेकर आने वाले फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से पैदा हुई महंगाई की आशंकाओं के कारण निवेशक भी सतर्क हैं और किसी बड़े निवेश से बच रहे हैं।

ध्यान रहे कि ऊपर दिए गए सोने-चांदी के भावों में राज्यों के जीएसटी (GST) मेकिंग चार्ज और स्थानीय राज्य कर शामिल नहीं हैं, इसलिए राज्यवार खुदरा दुकान पर अंतिम रेट अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है इसे निवेश की सलाह ना मानें। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

Pooja Khodani
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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
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