पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ़ इंडिया (BOI) ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में बदलाव किया है। 1 अगस्त 2026 से लोन के नई ब्याज दरें (Loan Rates) लागू हो चुकी हैं। बैंक के इस फैसले का असर पर्सनल, व्हीकल समेत विभिन्न प्रकार के ऋणों पर पड़ेगा। बता दें कि एमसीएलआर वे दरें होती हैं, जिसके आधार पर बैंक लोन के लिए ब्याज दरों को निर्धारित करते हैं। सभी बैंक इसमें समय-समय पर इसमें बदलाव करते रहते हैं।
बीओआई ने यह कदम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति की 3 दिवसीय बैठक शुरू होने से पहले उठाया है। आरबीआई इस बैठक में अर्थव्यवस्था से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगा। रेपो रेट में बदलाव का फैसला भी ले सकता है, जिसका असर एमसीएलआर दरों पर भी पड़ता है। एमपीसी बैठक 3 से 5 अगस्त तक जारी रहेगी।
नई एमसीएलआर दरें जानें
ध्यान रखें कि बैंक ने केवल एक साल के टेन्योर के लिए एमसीएलआर में बढ़ोत्तरी की है। बाकी सभी के लिए ब्याज दरें पहले की तरह ही बरकरार रहेंगी। 1 जुलाई को भी बैंक ने एमसीएलआर में बदलाव किया था। पहले जहां एक साल के टेन्योर के लिए ब्याज 7.75% था, अब उसे 5 बीपीएस बढ़ाकर 8.80% कर दिया गया है। वहीं ओवरराइट एमसीएल आर 7.85% है। एक महीने के लिए दरें 8.10, 3 महीने के लिए 8.25%, 6 महीने के लिए 8.65% और 3 साल के लिए 8.90% पर बरकरार हैं।
एफडी के ब्याज दरों में बदलाव नहीं
फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। 3% से लेकर 6.70% तक ब्याज बैंक सामान्य नागरिकों को ऑफर कर रहा है। हालांकि ग्रीन डिपॉजिट स्कीम पर 1 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपये तक का निवेश करने पर बैंक 6.85% ब्याज ऑफर कर रहा है, जिसकी अवधि 999 दिन है। 7 दिन से लेकर 10 साल तक का निवेश ग्राहक कर सकते हैं। वहीं बैंक 60 साल से लेकर 80 साल के वरिष्ठ नागरिकों को 0.50% अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी दे रहा है। इस सुविधा के टेन्योर 6 महीने से लेकर 3 साल से कम होना चाहिए। वहीं सुपर सीनियर सिटीजंस को 0.65% अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी मिल रही है।






