कक्षा 12वीं ऑन स्क्रीन मार्किंग और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर अभी भी विवाद जारी है। इसी बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक री-वैल्युएशन प्रोसेस के लिए उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग और चेकिंग की जिम्मेदारी COEMPT एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड संभालेगी।
पोर्टल को डेटा लीक और संभावित साइबर अटैक से बचाने के लिए कई उपाय भी अपनाए गए हैं। आईआईटी के एक अधिकारी ने बताया कि कॉपियों की स्कैनिंग ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर ही की जाएगी। आंसर शीट से संबंधित डेटा और रिकॉर्ड को विक्रेता के सर्वर से सीबीएसई नियंत्रित सर्वरों में ट्रांसफर किया जा रहा है। इस फैसले को लेकर सीबीएसई जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। अपडेट के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ विजिट करने की सलाह दी जाती है।
COEMPT को लेकर विवाद
सीओईएमपीटी एक हैदराबाद स्थित एजुकेशन कंपनी है। जिसे सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन मार्किंग सिस्टम को संचालित करने की जिम्मेदारी सौंप गई थी। कई छात्रों ने पोर्टल की सुरक्षा के साथ-साथ आंसर कॉपी की स्कैन फोटोकॉपी को लेकर शिकायतें की। इसके अलावा साइबर अटैक के भी कई मामले सामने आए थे। हालांकि यह कंपनी पहले भी विवादों में आ चुकी है। इस पर कुछ राज्य स्तर परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप भी लग लग चुके हैं।
पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया की तारीखों में बदलाव
सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन के लिए के आवेदन की तारीख को आगे बढ़ाया है। प्रश्नों के वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के लिए 7 जून तक आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून 2026 थी। वेरिफिकेशन के लिए छात्रों को 100 रुपये प्रति आंसर बुक का भुगतान करना होगा पुनर्मूल्यांकन के के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क है।
4 जून तक बोर्ड को शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सीबीएसई को 70,433, आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें अंकों के सत्यापन के लिए 7314 और मूल्यांकन के लिए 63100 आवेदन शामिल हैं।
In the interest of students, CBSE has decided to extend the last date for submission of applications for Verification and Re-evaluation of Question(s) for the Class XII Board Examinations, thereby providing students additional time and support to complete the process.
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— CBSE HQ (@cbseindia29) June 5, 2026






