विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राजस्थान के भिवाड़ी अलवर जिला में स्थित राजीव गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट को फर्जी घोषित किया है।  इस संबंध में 25 मार्च को एक नोटिस आधिकारिक वेबसाइट http://www.ugc.gov.in पर जारी किया गया है। यह कॉलेज यूजीसी अधिनियम 1956 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए डिग्री ऑफर कर रहा था।

इस यूनिवर्सिटी को यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। इसलिए यह किसी प्रकार की डिग्री/डिप्लोमा प्रदान नहीं कर सकता। इसके बावजूद यदि कोई विद्यार्थी इसमें एडमिशन लेता है, तो भविष्य में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यहां से प्राप्त डिग्री या डिप्लोमा उच्च शिक्षा या सरकारी रोजगार के लिए मान्य नहीं होगी।

छात्रों को यूजीसी की सलाह

आयोग ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और हितधारकों को इस संस्थान में प्रवेश न करने का न करने की सलाह दी है। ताकि स्टूडेंट के करियर में किसी प्रकार की समस्या न हो। इसी के साथ देशभर में फर्जी विश्वविद्यालय की संख्या 32 हो चुकी है। पहले राजस्थान की किसी भी यूनिवर्सिटी को इस सूची में शामिल नहीं किया गया था।

दिल्ली में सबसे अधिक फर्जी विश्वविद्यालय 

फेक यूनिवर्सिटी की सूची में पहले नंबर पर दिल्ली है। यहां कुल 12 यूनिवर्सिटी डिग्री या डिप्लोमा प्रदान करने के लिए अधिकृत नहीं है। इस लिस्ट में माउंटेन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, वर्ल्ड पीस ऑफ़ यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट सॉल्यूशन, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज स्टेट गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी, कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, सेंट्रिक जूरिडिशियल यूनिवर्सिटी, इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड इंजीनियरिंग, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ सेल्फ एंप्लॉयमेंट और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय शामिल हैं।

यूजीसी आंध्र प्रदेश में दो, अरुणाचल प्रदेश में एक, हरियाणा में एक, झारखंड में एक, कर्नाटक में दो, केरल में दो, महाराष्ट्र में दो, पुडुचेरी में दो, राजस्थान में एक, उत्तर प्रदेश में चार और पश्चिम बंगाल में दो विश्वविद्यालयों को पहले ही फर्जी घोषित कर चुका है।

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