फर्जी विश्वविद्यालय को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नियमित तौर पर छात्रों और अभिभावकों के लिए अलर्ट जारी करता रहता है। आधिकारिक वेबसाइट http://www.ugc.gov.in पर फेक यूनिवर्सिटी की लिस्ट भी जारी कर दी गई है। देशभर में 32 ऐसे संस्थान है, जिन्हें फर्जी घोषित किया गया है। यूजीसी ने हाल ही पाया कि कई एडटेक कंपनियां यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय और संस्थाओं के सहयोग से ऑनलाइन माध्यम में डिग्री/ डिप्लोमा कार्यक्रम चलाने के लिए समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और टेलीविजन में विज्ञापन दे रही है।
यूजीसी ने एक सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए सभी छात्रों और हितधारकों को सूचित किया कि इस तरह की फ्रेंचाइजी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। ऐसे किसी भी कार्यक्रम डिग्री को आयोग की मान्यता भी प्राप्त नहीं है। नोटिस में आयोग ने बताया कि दोषी एडटेक कंपनी और शिक्षा उच्च शिक्षा संस्थानों के खिलाफ लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र ने दिए राज्यों को निर्देश
भ्रामक एडटेक कंपनियों और फर्जी संस्थानों को लेकर बुधवार को राज्यसभा में चर्चा हुई। इसकी जानकारी राज्य शिक्षा मंत्री सुकांत मजूमदार में लिखित में दी। उन्होंने यूजीसी द्वारा लिये गए फैसलों के बारे में बताया। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अधिक उनके अधिकार क्षेत्र में संचालित फर्जी विश्वविद्यालय और संस्थान के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जहां जरूरत हो ऐसा संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भी कहा गया है।
दिल्ली में सबसे अधिक फर्जी विश्वविद्यालय
संस्थाओं के संबंध में शिकायत मिलने पर यूजीसी ने एक नोटिस जारी कर संस्थान को सूचित किया और स्पष्टीकरण मांगता है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होता तो संस्थान का नाम यूजीसी की फर्जी विश्वविद्यालय की सूची में शामिल किया जाता है। लेटेस्ट लिस्ट फरवरी 2026 में जारी की गई थी। इस लिस्ट में दिल्ली के 12 संस्थान शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और राजस्थान में एक यूनिवर्सिटी को फर्जी घोषित किया गया है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में फर्जी संस्थाओं की संख्या दो है। उत्तर प्रदेश में 4 फर्जी संस्थान हैं।






