Hindi News

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, परिसर खाली कर बम स्क्वॉड जांच में जुटा, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

Written by:Gaurav Sharma
Published:
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट को सोमवार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर खाली कराया गया और सुनवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई। डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच शुरू की। इससे पहले बेमेतरा जिला न्यायालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसकी जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, परिसर खाली कर बम स्क्वॉड जांच में जुटा, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

छत्तीसगढ़ में अदालत परिसरों को मिल रही धमकियों के बीच सोमवार को बिलासपुर हाईकोर्ट को फिर से बम से उड़ाने की चेतावनी मिली। यह सूचना ईमेल के माध्यम से मिलने के बाद अदालत परिसर में तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए, लोगों को बाहर निकाला गया और न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें हाईकोर्ट पहुंचीं। इसके बाद कोर्ट भवन और आसपास के हिस्सों की चरणबद्ध जांच शुरू की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि खतरे को देखते हुए परिसर की पूरी तरह तलाशी ली जा रही है और किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि होने तक निगरानी जारी रहेगी।

प्रशासनिक स्तर पर तत्काल असर यह हुआ कि हाईकोर्ट में सुनवाई फिलहाल रोक दी गई। कोर्ट परिसर में प्रवेश और निकास बिंदुओं पर जांच कड़ी कर दी गई है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जांच के बाद ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जांच बहु-स्तरीय

अधिकारियों के अनुसार ईमेल से मिली धमकी को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट परिसर को खाली कराना पहली प्राथमिकता रही। इसके बाद तकनीकी और फील्ड जांच साथ-साथ शुरू की गई। बम निरोधक टीम ने भवन के भीतर प्रमुख हिस्सों की जांच की, जबकि डॉग स्क्वॉड ने गलियारों, पार्किंग और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

स्थिति की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक एहतियाती उपायों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। अदालत से जुड़े कर्मियों और वादकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

बेमेतरा जिला न्यायालय को भी मिला था धमकी भरा मेल

इससे पहले बेमेतरा जिला न्यायालय के आधिकारिक ईमेल पर भी इसी तरह का संदेश मिला था, जिसमें न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। उस मामले में भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल अलर्ट मोड में आईं, न्यायालय परिसर खाली कराया गया और इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया।

बेमेतरा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। वहां भी बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की मदद से न्यायालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। पुलिस ने धमकी भरे ईमेल के स्रोत की पड़ताल शुरू की थी ताकि संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके।

ईमेल स्रोत की जांच पर फोकस

जांच एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि ईमेल किस नेटवर्क और किस डिवाइस से भेजा गया। बेमेतरा मामले में पुलिस को प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि मेल किसी सुभाष विश्वास नाम से जुड़े ईमेल आईडी से न्यायालय के पते पर आया। हालांकि अंतिम निष्कर्ष तकनीकी सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अदालत परिसरों के लिए सुरक्षा सतर्कता बढ़ाई गई है। बिलासपुर और बेमेतरा दोनों मामलों में ईमेल की प्रकृति, समय और तकनीकी ट्रेसिंग की तुलना कर संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews