रायपुर में रंगपंचमी के अवसर पर आयोजित एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने त्योहार को सामाजिक मेलजोल और भाईचारे से जोड़ा, साथ ही किसानों के खातों में भेजी गई बड़ी वित्तीय सहायता का उल्लेख किया। राजधानी के अश्वनी नगर स्थित सोनकर बाड़ी में हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली सिर्फ रंगों का उत्सव नहीं है, यह लोगों को करीब लाने वाला पर्व है। उनके अनुसार ऐसे अवसर समाज में आपसी दूरी घटाते हैं और एकता व समरसता को मजबूत करते हैं।
“होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज को आपसी एकता और समरसता के सूत्र में पिरोता है।”- विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
किसानों के लिए त्योहार से पहले राशि हस्तांतरण का उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष के संदर्भ में किसानों की स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कृषक उन्नति योजना के तहत धान उपार्जन के अंतर की राशि के रूप में 10 हजार 324 करोड़ रुपये किसानों के खातों में होली से पहले ही अंतरित कर दिए हैं।
उनके मुताबिक इस भुगतान से अन्नदाताओं के घरों में राहत और उत्साह का माहौल बना है, और त्योहार का आनंद बढ़ा है। मुख्यमंत्री का यह भी कहना रहा कि ग्रामीण परिवारों तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचना राज्य की प्राथमिकता का हिस्सा है।
रंगपंचमी आयोजन को सामाजिक संवाद का मंच बताया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि होली और रंगपंचमी जैसे पर्व मतभेद भुलाकर मित्रता और सहयोग का संदेश देते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के आयोजन सामाजिक सौहार्द को धरातल पर मजबूत करने का काम करते हैं।
उन्होंने विधायक राजेश मूणत द्वारा रंगपंचमी पर हर साल होली मिलन समारोह आयोजित किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समुदायों के बीच विश्वास और संपर्क बढ़ाने में उपयोगी साबित होते हैं।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की बधाई दी और सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, महापौर मीनल चौबे और बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






