राम मंदिर अयोध्या के दान और चढ़ावे में हुए घोटाले और चोरी की घटना ने करोड़ों लोगों की आस्था पर गहरी चोट की है, मंदिर का प्रबंधन देख रहे ट्रस्ट के अधिकारी संदेह के घेरे में हैं हालाँकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने पूछताछ कर जाँच रिपोर्ट सौंप दी है, घटना पर सियासत भी हो रही है, विपक्ष 200 करोड़ का गबन बता रहा है और मोदी सरकार से सवाल कर रहा है भाजपा पर निशाना साध रहा है।
इधर राम मंदिर की घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मंदिरों की व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में पिछले दिनों धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग की समीक्षा बैठक में सरकारी मंदिरों के प्रबंधन को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली और दिशा निर्देश दिए।
MP के मंदिरों में बदलेगा मंदिरों का प्रबंधन
प्रदेश के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए है कि देश के प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर मध्यप्रदेश के बड़े मंदिरों की व्यवस्था अब हाईटेक होगी जिसमें भक्तों की सुविधाओं का ख्याल तो रखा ही जायेगा साथ ही दान और चढ़ावा का सिस्टम बदलेगा।
डिजिटल होगा दान का सिस्टम
मंत्री लोधी ने बनाया कि पारदर्शिता रखने के लिए सरकारी मंदिरों में दान के लिए डिजिटल, ऑनलाइन और QR कोड से व्यवस्था की जाएगी। साथ ही देश के बड़े मंदिरों के प्रबंधन का अध्ययन कर प्रदेश के मंदिरों में भी वही व्यवस्था लागू की जाएगी।






