दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने अपनी सीट बरकरार रखी है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को करीब 6 हजार वोटों से हरा दिया। हालांकि निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक घोषणा होना अभी बाकी है। यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद कराया गया था।
पहले दो राउंड में भाजपा ने बनाई बढ़त
मतगणना के पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी आगे रहे। पिछले चार चुनावों में पहली बार भाजपा ने पहले राउंड में बढ़त बनाई थी। दूसरे राउंड के बाद भाजपा की बढ़त बढ़कर 875 वोट हो गई, जिससे मुकाबला भाजपा के पक्ष में जाता दिखा।
तीसरे राउंड से पलटा मुकाबला
तीसरे राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस ने वापसी करते हुए 33 वोट की बढ़त बना ली। चौथे राउंड में यह बढ़त बढ़कर 833 वोट हो गई। पांचवें राउंड के बाद कांग्रेस 308 वोट से आगे रही, जबकि छठे राउंड में बढ़त बढ़कर 1,786 वोट पहुंच गई।
सातवें से 13वें राउंड तक कांग्रेस का दबदबा
सातवें राउंड में कांग्रेस की बढ़त करीब 3,800 वोट हो गई। आठवें राउंड में यह बढ़कर 6,200 वोट, नौवें राउंड में 9,519 वोट और दसवें राउंड में 10,842 वोट पहुंच गई। ग्यारहवें राउंड के बाद कांग्रेस 12,221 वोट, बारहवें राउंड में 13,542 वोट और तेरहवें राउंड तक 14,689 वोट से आगे हो गई। इस दौरान कांग्रेस ने लगातार अपनी बढ़त बनाए रखी।
14वें राउंड में भाजपा ने कम किया अंतर
चौदहवें राउंड में भाजपा ने अच्छी बढ़त हासिल कर कांग्रेस का अंतर काफी कम कर दिया। इसके बाद घनश्याम सिंह की बढ़त घटकर 7,544 वोट रह गई और मुकाबला एक बार फिर चर्चा में आ गया।
आखिरी राउंड के बाद कांग्रेस की जीत
अंतिम राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने करीब 6 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। दिनभर चली मतगणना में मुकाबले ने कई बार करवट ली, लेकिन तीसरे राउंड के बाद कांग्रेस ने जो बढ़त बनाई, उसे अंत तक बरकरार रखा। इस जीत के साथ कांग्रेस ने दतिया विधानसभा सीट पर अपना कब्जा कायम रखा।
बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले दतिया में कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में आठवें राउंड के बाद कांग्रेस को 6828 वोट मिले, जबकि भाजपा के खाते में 3540 वोट आए। इसके साथ ही कांग्रेस की कुल बढ़त बढ़कर 6583 वोट हो गई है।
शहर के पॉलीटेक्निक कॉलेज में चल रही मतगणना में कुल 15 राउंड में वोटों की गिनती होनी है। आठ राउंड पूरे होने के बाद अब 7 राउंड की गिनती बाकी है। शुरुआती रुझानों के बाद से कांग्रेस लगातार बढ़त बनाए हुए है। इस बीच भोपाल कांग्रेस कार्यालय में नेताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलानी शुरु कर दी है। हालांकि अंतिम परिणाम के लिए सभी राउंड पूरे होने का इंतजार रहेगा।
दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। सातवें राउंड की मतगणना के बाद वह भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से 3,295 वोटों से आगे चल रहे हैं। इस बीच घनश्याम सिंह ने अपनी जीत का दावा करते हुए कहा, “मैं 12 से 15 हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीत रहा हूं। हमारी बढ़त लगातार बढ़ रही है और शहर से करीब 8 हजार वोटों की बढ़त मिलेगी।” हालांकि अभी कई राउंड की मतगणना बाकी है, इसलिए अंतिम नतीजे का इंतजार किया जा रहा है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में शुरुआती रुझानों के बाद मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। 15 में से 4 राउंड की मतगणना पूरी होने तक कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह 17,290 वोटों के साथ 833 मतों की बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 16,457 वोट मिले हैं, जबकि एएसपी के दामोदर यादव 6,899 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर चल रहे हैं।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का फैसला आज सामने आएगा। सोमवार सुबह 8 बजे से शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना शुरू होगी। 20 टेबलों पर 15 राउंड में वोटों की गिनती होगी, जिसके बाद साफ हो जाएगा कि जनता ने किस प्रत्याशी पर भरोसा जताया है। इस उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों की प्रतिष्ठा दांव पर है, जबकि कुल 21 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद है।
चुनाव क्यों कराना पड़ा
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी। अप्रैल 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने एक मामले में उन्हें सजा सुनाई थी, जिसके बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराया था।
टिकट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा BJP में रही
इस उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा के टिकट को लेकर रही। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। आशुतोष तिवारी मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। वे भांडेर तहसील के पिपरौआ कलां गांव के निवासी हैं। वहीं कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा, जबकि आजाद समाज पार्टी से दामोदर सिंह यादव ने भी चुनाव लड़ा। इनके अलावा 18 अन्य उम्मीदवार मैदान में रहे।
चुनाव कार्यक्रम एक नजर में
चुनाव आयोग ने 6 जुलाई को अधिसूचना जारी की थी। 13 जुलाई तक नामांकन पत्र जमा हुए, 14 जुलाई को उनकी जांच हुई और 16 जुलाई तक नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी हुई। 30 जुलाई को मतदान कराया गया, जबकि आज 3 अगस्त को मतगणना होगी। इसके साथ ही 4 अगस्त तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी।
मतदान के दिन क्या हुआ
30 जुलाई को दतिया में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 186 ग्रामीण और 105 शहरी क्षेत्र में थे। कुल 2,20,344 मतदाताओं में से 71.44 प्रतिशत ने मतदान किया। पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 74.09 और महिलाओं का 68.48 प्रतिशत रहा। तीसरे लिंग के मतदाताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के बाद ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा गया।
2023 के मुकाबले कम रही वोटिंग
इस बार मतदान प्रतिशत 2023 के विधानसभा चुनाव की तुलना में करीब 9 प्रतिशत कम रहा। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने अलग-अलग दावे किए। कांग्रेस ने महिलाओं की कम भागीदारी और कुछ मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था को वजह बताया। वहीं भाजपा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटने के कारण मतदान प्रतिशत प्रभावित हुआ।
दोनों दलों ने किया जीत का दावा
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया कि दतिया की जनता विकास के नाम पर कमल को आशीर्वाद देगी। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने कहा कि उन्हें क्षेत्र की जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है और कांग्रेस की जीत तय है। कुछ निजी एजेंसियों के एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त दिखाई गई है, हालांकि ये केवल अनुमान हैं और आधिकारिक नतीजा मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
किसकी साख होगी मजबूत?
दतिया उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट का फैसला नहीं करेगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। नतीजे से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक साख को भी नए सिरे से आंका जाएगा। अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जहां कुछ ही घंटों में दतिया की जनता का फैसला सामने आ जाएगा।






