फिल्म जगत से दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। ‘गजनी’ और ‘लगान’ जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके देहावसान से फिल्म इंडस्ट्री और उनके असंख्य प्रशंसकों में गहरा शोक व्याप्त है।
मुंबई स्थित कोकिलाबेन अस्पताल में मंगलवार शाम को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। अभिनेता प्रदीप रावत ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदीप रावत पिछले पांच साल से ब्लड कैंसर से पीड़ित थे। बीमारी के उपचार के बाद कुछ समय के लिए उनकी तबीयत में सुधार भी देखा गया था, जिससे उनके चाहने वालों को राहत मिली थी। हालांकि, कुछ महीने पहले यह जानलेवा रोग फिर से लौट आया और उनकी स्थिति गंभीर होती चली गई। गत दो महीनों से वे अस्पताल में भर्ती थे और गहन चिकित्सा के बावजूद मंगलवार शाम को उनका देहांत हो गया।
कई फिल्मी सितारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अर्पित की श्रद्धांजलि
उनके आकस्मिक निधन की खबर से बॉलीवुड में दुख की लहर दौड़ गई है। कई फिल्मी हस्तियों और सह-कलाकारों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। लोकप्रिय अभिनेता सोनू सूद ने प्रदीप रावत की तस्वीर साझा करते हुए एक भावनात्मक संदेश में लिखा, “प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी।” टीवी अभिनेता आयुषपाल शर्मा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके आइकॉनिक किरदारों ‘गजनी’ के गजनी और ‘लगान’ के देवा के रूप में उन्हें याद किया, जो उनकी अभिनय क्षमता का प्रमाण थे।
‘महाभारत’ में अश्वत्थामा समेत कई टीवी धारावाहिकों में निभाया अहम किरदार
प्रदीप रावत ने अपने लंबे और सफल अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के अत्यंत लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा के प्रभावशाली किरदार को निभाकर की थी। इस भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अतिरिक्त, प्रदीप रावत दूरदर्शन के अन्य चर्चित कार्यक्रमों जैसे ‘तहकीकात’, ‘चंद्रकांता’, ‘युग’ और ‘गुल सनोबर’ में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके थे। उन्होंने न केवल हिंदी सिनेमा में, बल्कि तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी जैसी विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी सशक्त अभिनय छाप छोड़ी, जिससे वे एक बहुभाषी अभिनेता के रूप में स्थापित हुए। हिंदी सिनेमा में उनके उल्लेखनीय कार्यों में ‘लगान’, ‘सरफरोश’, ‘गजनी’, ‘बैजू बावरा’, ‘आवारापन’ और ‘ग्रैंड मस्ती’ जैसी फिल्में शामिल हैं, जहाँ उन्होंने विभिन्न प्रकार की भूमिकाएँ निभाईं।
दक्षिण भारतीय सिनेमा में प्रदीप रावत का योगदान
दक्षिण भारतीय सिनेमा में उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘सई’ से अपने करियर की एक नई दिशा तय की और कई यादगार खलनायक की भूमिकाओं को बखूबी निभाया, जिसके लिए उन्हें काफी प्रशंसा मिली। विशेष रूप से, 2005 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘गजनी’ में उनके द्वारा निभाया गया क्रूर खलनायक का किरदार दर्शकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हुआ और उन्हें एक दुर्जेय विरोधी के रूप में स्थापित किया। बाद में, उन्होंने इसी प्रशंसित भूमिका को फिल्म के हिंदी रीमेक ‘गजनी’ में भी सफलतापूर्वक दोहराया, जिससे उनकी पहचान एक दमदार खलनायक के रूप में और मजबूत हुई। इसके अलावा, उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘पैरोडी’, मलयालम फिल्म ‘चाइना टाउन’, बंगाली फिल्म ‘हीरो 420’ और भोजपुरी फिल्म ‘क्रैक फाइटर’ जैसी विभिन्न भाषाओं की फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं, जो उनकी व्यापक पहुंच और अभिनय कौशल को दर्शाती हैं।
प्रदीप रावत की अंतिम हिंदी फिल्म ‘छावा’
प्रदीप रावत की अंतिम हिंदी फिल्म ‘छावा’ थी, जो 14 फरवरी 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यह फिल्म उनके प्रशंसकों के लिए उनकी अंतिम परदे पर उपस्थिति है। उनका अंतिम संस्कार कल यानी बुधवार को किए जाने की संभावना है, जहाँ उनके परिवारजन, मित्र और फिल्मी दुनिया के साथी उन्हें अंतिम विदाई देंगे।





