बॉलीवुड के जाने-माने हास्य अभिनेता राजपाल यादव हाल ही में 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए हैं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने एक बड़ा बयान दिया है, जो उनके पहले के बयानों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने खुद को ‘चलती फिरती चेक बुक’ करार दिया है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब 5 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट ने बकाया चुकाने के लिए और समय मांगने की राजपाल यादव की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद अभिनेता को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा था। हालांकि, 17 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए 18 मार्च तक उनकी सजा सस्पेंड कर दी, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई। सरेंडर करने से पहले यादव ने कथित तौर पर आर्थिक तंगी और अकेलेपन की बात कही थी।
‘राजपाल चलती फिरती चेक बुक है’
जमानत पर रिहा होने के बाद एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने अपने वित्तीय हालात पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं पैसों से घिरा हुआ हूं। राजपाल चलती फिरती चेक बुक है। मैं पैसा कमाता हूं, मैं लोगों को पैसा कमाने में मदद करता हूं, और कई घर इस पर निर्भर करते हैं।”
जेल से रिहा होने के तुरंत बाद अभिनेता काम पर भी लौट आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ की शूटिंग शुरू कर दी है।
मुश्किल वक्त में इंडस्ट्री ने दिया साथ
इस मुश्किल दौर में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए। खबरों के मुताबिक, सलमान खान, अजय देवगन, निर्देशक डेविड धवन, सोनू सूद, गुरु रंधावा और मीका सिंह जैसे सितारों ने उन्हें आर्थिक रूप से सहयोग दिया। इस मदद पर आभार जताते हुए राजपाल ने कहा कि ये लोग आज से नहीं, बल्कि उनके करियर की शुरुआत से ही उनके साथ हैं।
“मेरे अंगूठे की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि मैं अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने सीधे यहां आ गया… जिन लोगों ने मेरी मदद की, वे सिनेमा में मेरे सफर की शुरुआत से ही मेरा साथ दे रहे हैं। मैं सिर्फ ‘थैंक यू’ कहकर उन्हें छोटा महसूस नहीं कराना चाहता, क्योंकि ‘थैंक यू’ बहुत छोटा सा इशारा है।” — राजपाल यादव
इसके अलावा, यादव ने अपने छोटे राजनीतिक सफर पर भी बात की और बताया कि उन्होंने 2019 में राजनीति क्यों छोड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सिर्फ अपने लोगों की सेवा करना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली।






