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डिप्रेशन और बीमारियों से कैसे पाएं छुटकारा? कैलाश खेर ने बताया जिंदगी में संतुलन पाने का मंत्र

Written by:Bhawna Choubey
Published:
भोपाल में खेलो एमपी यूथ गेम्स के उद्घाटन पर प्रसिद्ध सूफी गायक कैलाश खेर ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस, खेल, संगीत और भारतीय संस्कृति को जोड़ते हुए ऐसा मंत्र बताया, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बेहद जरूरी हो गया है।
डिप्रेशन और बीमारियों से कैसे पाएं छुटकारा? कैलाश खेर ने बताया जिंदगी में संतुलन पाने का मंत्र

आज का युवा तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। पढ़ाई, करियर और सामाजिक दबाव के बीच मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन चुका है। भोपाल में आयोजित खेलो एमपी यूथ गेम्स के उद्घाटन अवसर पर प्रसिद्ध सूफी और आध्यात्मिक गायक कैलाश खेर से खास बातचीत में उन्होंने खेल, संगीत और आध्यात्म को मानसिक व शारीरिक रोगों से मुक्ति का सरल और भारतीय समाधान बताया, जिसे हर युवा अपनी जिंदगी में अपना सकता है।

खेलो एमपी यूथ गेम्स और युवाओं के नाम कैलाश खेर का संदेश

भोपाल के डीटी नगर स्टेडियम में आयोजित खेलो एमपी यूथ गेम्स का माहौल पूरी तरह ऊर्जा और उत्साह से भरा हुआ है। इसी मंच पर कैलाश खेर ने युवाओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी के शारीरिक और मानसिक विकास का आधार है।

उन्होंने बताया कि वे विशेष रूप से इस आयोजन के लिए भोपाल आए हैं क्योंकि उनका मानना है कि खेल युवाओं को अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सिखाता है। कैलाश खेर के अनुसार जब युवा खेल के मैदान में उतरता है तो वह न सिर्फ शरीर को मजबूत करता है, बल्कि अपने भीतर छिपे डर और तनाव को भी बाहर निकालता है।

तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन से राहत का सरल रास्ता

मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए कैलाश खेर ने बेहद सहज और आम भाषा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग मानते हैं कि तनाव कम करने के लिए सिर्फ संगीत या ध्यान ही जरूरी है लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। उनके अनुसार जैसे संगीत सुनने से मन को शांति मिलती है, वैसे ही खेल खेलने से भी मानसिक दबाव काफी हद तक कम होता है। जब शरीर पसीना बहाता है, तो दिमाग अपने आप हल्का महसूस करने लगता है। आज के समय में जब युवा एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, खेल एक प्राकृतिक इलाज की तरह काम करता है।

‘मैं सिर्फ फिल्मी गायक नहीं, एक आध्यात्मिक कलाकार हूं’

बातचीत के दौरान कैलाश खेर ने खुद को केवल फिल्मों का गायक मानने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे मूल रूप से एक आध्यात्मिक गायक और गीतकार हैं, और उनका संगीत आत्मा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि साधना का एक रूप है। जब इंसान भजन, सूफी कलाम या शास्त्रीय संगीत से जुड़ता है, तो उसके भीतर अपने आप शांति और संतुलन पैदा होता है। यही संतुलन मानसिक और शारीरिक रोगों से लड़ने की ताकत देता है।

मानसिक शांति और फिटनेस का राज क्या है?

जब कैलाश खेर से उनकी फिटनेस और मानसिक शांति का राज पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बेहद सरल उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी आध्यात्मिकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके शब्दों में, “जहां अच्छा भोजन और भजन होता है, वहां शरीर और मन कभी खराब नहीं होते।” उन्होंने यह भी कहा कि लालच, ईर्ष्या और नकारात्मक भावनाएं इंसान को अंदर से कमजोर कर देती हैं। अगर इनसे दूरी बना ली जाए, तो आधी बीमारियां अपने आप खत्म हो जाती हैं।