महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी सिलसिले में गुरुवार को टीवी होस्ट और बिग बॉस फेम शेफाली बग्गा को रायपुर स्थित ED के जोनल ऑफिस बुलाया गया, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई।
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, शेफाली बग्गा पर विदेशी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के प्रचार से जुड़े होने और कथित तौर पर एक टेलीग्राम चैनल के जरिए बेटिंग से संबंधित जानकारी साझा करने के आरोप हैं।
ED की जांच क्यों अहम मानी जा रही है?
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप केस देश के सबसे चर्चित कथित ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है। ED की जांच के मुताबिक, यह नेटवर्क भारत के बाहर से संचालित होने वाले कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए काम करता था। एजेंसी का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हर महीने सैकड़ों करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया जाता था और बाद में इस रकम को अलग-अलग कंपनियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी।
जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के अनुसार, जांच में खंजन जगदीश कुमार ठक्कर का नाम मुख्य हवाला ऑपरेटर के रूप में सामने आया है, जो कथित तौर पर विदेश से संचालित नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन को संभालता था। ED का कहना है कि अब तक इस मामले में करीब 3,800 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच, जब्त या फ्रीज़ किया जा चुका है। एजेंसी लगातार डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क की परतें सामने लाई जा सकें।
बड़ी गिरफ्तारियों से बढ़ी जांच की रफ्तार
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप केस में हाल के दिनों में जांच का दायरा और बड़ा हुआ है। इसी सप्ताह ED ने EBIX Inc. के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया। एजेंसी के मुताबिक, उनके और उनसे जुड़ी कंपनियों की लगभग 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं। ED का आरोप है कि कथित अवैध कमाई को शेल कंपनियों, लेयर्ड ट्रांजेक्शन और फर्जी एंट्री के जरिए अलग-अलग खातों में घुमाकर वैध धन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
इस पूरे मामले की जांच छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज विभिन्न FIR के आधार पर शुरू हुई थी। इन मामलों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप शामिल हैं। ED पहले ही रायपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में कई प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दाखिल कर चुकी है और कोर्ट ने मामले का संज्ञान भी लिया है।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े थे, किन माध्यमों से बेटिंग ऐप्स का प्रचार किया गया और अवैध कमाई को किस तरह वित्तीय सिस्टम में शामिल किया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में और पूछताछ, नए खुलासे और अतिरिक्त कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।






