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गोविंदा को पहला ब्रेक देने वाले CBFC के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन, 76 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Written by:Banshika Sharma
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बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है। दरअसल उन्होंने कई हिट फिल्में दीं और गोविंदा को एक खास पहचान भी दिलाई।

बॉलीवुड को कई सुपरहिट फिल्में देने वाले और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी अब हमारे बीच नहीं रहे। 76 साल की उम्र में बुधवार देर रात 3 बजे उन्होंने आखिरी सांसें लीं। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। पहलाज निहलानी का अंतिम संस्कार आज दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज श्मशान भूमि में संपन्न हुआ।

दरअसल ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोविड के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ दवाइयों के कारण उन्हें जटिलताएं हो गई थीं। इन जटिलताओं का असर उनकी किडनी पर पड़ा, जिसके चलते उन्हें लंबे समय से इलाज करवाना पड़ रहा था। उनकी मृत्यु इसी संबंधित बीमारी के कारण हुई है।

शोक में डूबा फिल्म जगत

वहीं फिल्म इंडस्ट्री ने एक बेहद अनुभवी और सम्मानित शख्सियत को खो दिया है। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPAA) के प्रेसिडेंट अभय सिन्हा ने पहलाज निहलानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि निहलानी कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे और रात 3 बजे उनका देहांत हो गया। सिन्हा ने उन्हें एक बहुत अच्छा इंसान और बेहद बड़े प्रोड्यूसर के रूप में याद किया। उन्होंने यह भी बताया कि पहलाज निहलानी IMPAA के चेयरपर्सन भी रह चुके थे और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के बेहद करीबियों में से एक थे, उनकी हर पार्टी में वे ज़रूर शामिल होते थे। इंडस्ट्री को उनकी कमी बहुत खलेगी।

पहले भी स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां सामने आई थी

दरअसल पहलाज निहलानी के स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां पहले भी सामने आई थीं। लगभग पांच साल पहले उन्हें खून की उल्टियां हुई थीं, जिसके बाद उन्हें मुंबई के नानावटी अस्पताल में 28 दिनों तक भर्ती रहना पड़ा था। उन्होंने इस गंभीर स्वास्थ्य चुनौती का सामना किया था, लेकिन इस बार वे जिंदगी की जंग हार गए। पहलाज निहलानी का फिल्मी सफर साल 1982 में बतौर प्रोड्यूसर शुरू हुआ था। उनकी पहली फिल्म ‘हथकड़ी’ थी, जिसने उन्हें बॉलीवुड में निर्माता के तौर पर कदम रखने का अवसर दिया। इसके बाद साल 1985 में उनकी दूसरी फिल्म ‘आंधी-तूफान’ रिलीज़ हुई, जिसने उन्हें एक स्थापित निर्माता के रूप में पहचान दिलाई। उनका प्रोडक्शन हाउस ‘पहलाज निहलानी प्रोडक्शंस’ कई सफल फिल्मों का पर्याय बन गया था।

वहीं साल 1986 उनके करियर का एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ, जब उन्होंने फिल्म ‘इल्जाम’ का निर्माण किया। यह फिल्म अभिनेता गोविंदा के लिए एक बड़ा ब्रेक साबित हुई और उन्हें देश भर में पहचान मिली। गोविंदा को बॉलीवुड में लाने का श्रेय पहलाज निहलानी को दिया जाता है। इसके बाद साल 1987 में उन्होंने ‘आग ही आग’ बनाई, जिसके ज़रिए चंकी पांडे ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। इसी साल निहलानी ने ‘गुनाहों का फैसला’ जैसी एक और सफल फिल्म भी दर्शकों के सामने पेश की।

इंडस्ट्री को सुपरहिट फ़िल्में दी

1990 के दशक में भी पहलाज निहलानी का जलवा बरकरार रहा। उन्होंने ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों का निर्माण किया। गोविंदा के साथ उनकी जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचाया। फिल्म ‘आंखें’ उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई, जिसने कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़े और उन्हें एक सफल और दूरदर्शी निर्माता के रूप में स्थापित किया। उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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