बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री की मशहूर चेहरा रहीं शेफाली जरीवाला का कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। 42 साल की उम्र में उनका यूं अचानक चले जाना हर किसी के लिए चौंकाने वाला है। दरअसल ‘कांटा लगा’ गाने से स्टारडम हासिल करने वाली शेफाली, न सिर्फ परफॉर्मेंस में आगे थीं, बल्कि पढ़ाई में भी उन्होंने शानदार मुकाम हासिल किया था। बहुत कम लोग जानते हैं कि शेफाली एक पोस्ट ग्रेजुएट इंजीनियर भी थीं।
दरअसल शेफाली जरीवाला ने इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Information Technology) में मास्टर्स डिग्री हासिल की थी। उन्होंने ये डिग्री मुंबई के सरदार पटेल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से ली थी। साल 2005 में अपनी पढ़ाई पूरी करते हुए शेफाली ने तकनीकी क्षेत्र में खुद को मजबूत किया। इसी दौरान उन्हें ‘कांटा लगा’ म्यूजिक वीडियो का ऑफर मिला और वो रातों-रात एक आइकॉन बन गईं।
कहां से की थी स्कूली पढ़ाई?
वहीं आईटी जैसी टेक्निकल फील्ड में पढ़ाई करना और साथ ही ग्लैमर वर्ल्ड में पैर जमाना आसान नहीं होता, लेकिन शेफाली ने दोनों ही जगह अपना असर दिखाया। दरअसल पढ़ाई के प्रति उनकी लगन और मेहनत उन्हें एक अलग पहचान देती है, जो आज के युवाओं के लिए भी एक इंस्पिरेशन है। शेफाली की शुरुआती शिक्षा सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, कालीम्पोंग से हुई थी। स्कूलिंग के दौरान ही उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट्स में दिलचस्पी लेनी शुरू कर दी थी। पढ़ाई और आर्ट्स के बीच बैलेंस बनाते हुए शेफाली ने खुद को दोनों ही क्षेत्रों में साबित किया।
कम उम्र में ही पढ़ाई के साथ-साथ मॉडलिंग
बता दें कि उनका जन्म 24 नवंबर 1982 को हुआ था और उन्होंने कम उम्र में ही पढ़ाई के साथ-साथ मॉडलिंग और म्यूजिक वीडियो की दुनिया में कदम रखा। जहां आमतौर पर ग्लैमर इंडस्ट्री की शख्सियतों को पढ़ाई में कमजोर समझा जाता है, वहीं शेफाली ने इस धारणा को गलत साबित किया। शेफाली जरीवाला को 2002 में ‘कांटा लगा’ गाने से बड़ी पहचान मिली। उनका लुक, डांस और एटीट्यूड दर्शकों को इतना पसंद आया कि वह हर युवा की फेवरेट बन गईं। इस गाने की लोकप्रियता ने उन्हें न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी पॉपुलर बना दिया।
इसके बाद उन्होंने कुछ फिल्मों, म्यूजिक वीडियो और टीवी शोज़ में भी काम किया। साल 2014 में उन्होंने एक्टर पराग त्यागी से शादी की और एक्टिंग से धीरे-धीरे दूरी बना ली। हालांकि, 2019 में शेफाली ‘बिग बॉस 13’ का हिस्सा बनीं और शो में उनके शांत और संतुलित स्वभाव को खूब सराहा गया।






